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यूपी: आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश बुन रहा था जासूस शहजाद, रामपुर के कई युवकों को भेजा पाकिस्तान
Tue, 20 May 2025 08:31 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Tue, 20 May 2025 08:31 PM IST
सार
ISI spy Shahzad: जांच में सामने आया है कि दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में तैनात दानिश आईएसआई एजेंट्स के इशारे पर शहजाद और उसके साथियों को वीजा दिलाने में मदद करता था।
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आईएसआई जासूस शहजाद
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मुरादाबाद से गिरफ्तार आईएसआई जासूस शहजाद किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश का ताना-बाना बुन रहा था। खुफिया एजेंसियों ने इसकी भनक लगने के बाद उसकी निगरानी शुरू कर दी थी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। उसने रामपुर के कई युवकों को पाकिस्तान भेजा था। उनके लिए वीजा का इंतजाम भी किया था। अब एटीएस उन युवकों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में तैनात दानिश आईएसआई एजेंट्स के इशारे पर शहजाद और उसके साथियों को वीजा दिलाने में मदद करता था। बता दें कि दानिश ने ही हरियाणा निवासी ज्योति मेहरोत्रा को पाकिस्तान भेजने का इंतजाम किया था, जिसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। दरअसल, तस्करी के दौरान शहजाद का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट्स से संपर्क हुआ था, जिसके बाद उनके बीच व्हाट्सएप पर बातचीत होने लगी थी।
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एजेंट्स ने उससे कई गोपनीय सूचनाएं जुटाकर भेजने को कहा ताकि कोई आतंकी घटना अंजाम दी जा सके। धीरे-धीरे उसने रामपुर के कुछ युवाओं को कॉस्मेटिक, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, महिलाओं के कपड़े की तस्करी के काम में अपने साथ जोड़ा और उनका वीजा आईएसआई एजेंट्स की मदद से हासिल कर लिया।
एटीएस को शक है कि पाकिस्तानी एजेंट्स से मिलने वाली रकम को भारत में जासूसी करने वाले लोगों को मुहैया कराने के साथ अलगाववादी और विंध्वसकारी गतिविधियों में इस्तेमाल करने के लिए जुटा रहा था। उसके मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में एजेंट्स से मिलने वाली रकम का ब्योरा हासिल करने की कवायद की जा रही है। उसे रिमांड पर लेकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले बाकी एजेंट्स के बारे में पूछताछ करने की तैयारी है।