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यूपी: विश्व बैंक की मदद से हाईवे के लिए किया जाएगा अलग पुलिस बल का गठन
Wed, 19 Feb 2020 02:45 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 19 Feb 2020 02:45 PM IST
सार
-सड़क हादसों के समय संभालेगी जिम्मेदारी, प्रदेश सरकार जल्द जारी करेगी शासनादेश
-विश्व बैंक की मिली मंजूरी, लखनऊ-कानपुर और मथुरा-चंदौली हाईवे से होगी शुरुआत
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पुलिस
- फोटो : file photo
विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार के चौथे बजट के अनुसार विश्व बैंक की मदद से प्रदेश में हाईवे के लिए अलग पुलिस बल का गठन किया जाएगा। यह पुलिस केवल हाईवे पर दिखेगी। सड़क हादसों के समय पहली जिम्मेदारी इसी पुलिस की होगी। हालांकि हाईवे पुलिस थाने पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
हाईवे पुलिस बल का गठन उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के ‘यूपी कोर रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट’ के तहत किया जाएगा। विश्व बैंक ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। सड़क सुरक्षा के मद्देनजर विश्व बैंक ने ही हाईवे पुलिसिंग की कल्पना की थी। जल्द ही प्रदेश सरकार शासनादेश जारी कर योजना को अमलीजामा पहनाएगी।
प्रदेश के दो नेशनल हाईवे भी शामिल
पायलेट प्रोजेक्ट में प्रदेश के दो नेशल हाईवे शामिल किए गए हैं। नेशनल हाईवे संख्या दो मथुरा से चंदौली तक 752 किलोमीटर और नेशनल हाईवे संख्या 25 लखनऊ से कानपुर तक 88 किलोमीटर के बीच के लिए इस पुलिस बल का गठन होगा। पायलट प्रोजेक्ट की कामयाबी के आधार पर इसे दूसरे दुर्घटना बहुल हाईवे पर शुरू किया जाएगा।
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हाईवे पुलिस बल का गठन उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के ‘यूपी कोर रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट’ के तहत किया जाएगा। विश्व बैंक ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। सड़क सुरक्षा के मद्देनजर विश्व बैंक ने ही हाईवे पुलिसिंग की कल्पना की थी। जल्द ही प्रदेश सरकार शासनादेश जारी कर योजना को अमलीजामा पहनाएगी।
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प्रदेश के दो नेशनल हाईवे भी शामिल
पायलेट प्रोजेक्ट में प्रदेश के दो नेशल हाईवे शामिल किए गए हैं। नेशनल हाईवे संख्या दो मथुरा से चंदौली तक 752 किलोमीटर और नेशनल हाईवे संख्या 25 लखनऊ से कानपुर तक 88 किलोमीटर के बीच के लिए इस पुलिस बल का गठन होगा। पायलट प्रोजेक्ट की कामयाबी के आधार पर इसे दूसरे दुर्घटना बहुल हाईवे पर शुरू किया जाएगा।
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हर 40 किलोमीटर पर एक थाना
यातायात निदेशालय और विश्व बैंक की ओर से तैयार किए गए प्लान में हर 40 किलोमीटर पर एक हाईवे पुलिस थाना या ट्रैफिक पुलिस थाना बनाए जाने की योजना है। यानी मथुरा से चंदौली के बीच 19 थाने बनेंगे जबकि लखनऊ से कानपुर के बीच दो थाने बनेंगे। इन थानों में कुल 1024 पुलिस कर्मियों की तैनाती प्रतिनियुक्ति पर की जाएगी।
हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए विश्व बैंक ने यूपी कोर रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत हाईवे पुलिस थाने को मंजूरी दी है। आगे की कार्यवाही शासन स्तर पर की जा रही है। शासनादेश जारी होने के बाद हाईवे पुलिस और थाने काम करने लगेंगे।
-दीपक रतन, आईजी, यातायात निदेशालय
यातायात निदेशालय और विश्व बैंक की ओर से तैयार किए गए प्लान में हर 40 किलोमीटर पर एक हाईवे पुलिस थाना या ट्रैफिक पुलिस थाना बनाए जाने की योजना है। यानी मथुरा से चंदौली के बीच 19 थाने बनेंगे जबकि लखनऊ से कानपुर के बीच दो थाने बनेंगे। इन थानों में कुल 1024 पुलिस कर्मियों की तैनाती प्रतिनियुक्ति पर की जाएगी।
हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए विश्व बैंक ने यूपी कोर रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत हाईवे पुलिस थाने को मंजूरी दी है। आगे की कार्यवाही शासन स्तर पर की जा रही है। शासनादेश जारी होने के बाद हाईवे पुलिस और थाने काम करने लगेंगे।
-दीपक रतन, आईजी, यातायात निदेशालय