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यूपी: अफजाल की कोठी पर छह साल से टैक्स बकाया, गृहकर 56 हजार और जलकर-सीवर कर 48 हजार रुपये से अधिक पहुंचा

Thu, 03 Sep 2026 08:16 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 03 Sep 2026 08:16 PM IST
सार

अफजाल अंसारी की डालीबाग स्थित कोठी पर करीब छह साल से गृहकर और जलकर-सीवर कर बकाया है। वर्तमान में गृहकर 56,130 रुपये और जलकर-सीवर कर 48,270 रुपये है। एकमुश्त समाधान योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज में छूट मिल सकती है। नगर निगम नियमानुसार बकाया कर की वसूली करेगा।

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UP: Property tax on Afzal's bungalow has been outstanding for six years; house tax has reached ₹56,000, while
अफजाल की कोठी पर छह साल से टैक्स बकाया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिवंगत माफिया मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी की डालीबाग स्थित कोठी पर करीब छह साल का गृहकर और जलकर-सीवर कर बकाया है। दस्तावेज में करीब 6700 वर्ग फीट में बनी यह कोठी अफजाल की पत्नी फरहत अंसारी के नाम है। वर्तमान में इस पर 56,130 रुपये गृहकर और 48,270 रुपये जलकर-सीवर कर बकाया है।

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तिलक मार्ग के पास प्लॉट नंबर 14बी पर स्थित इस कोठी का गृहकर 4,941 रुपये सालाना है। लंबे समय से भुगतान न होने पर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज जुड़ता रहा, जिससे बकाया बढ़कर 56,130 रुपये हो गया। इसी तरह जलकर-सीवर कर 4,118 रुपये सालाना है। इस पर 7,912 रुपये सरचार्ज जुड़ने के बाद कुल बकाया 48,270 रुपये पहुंच गया है। 
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गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में इसे चार साल पहले कुर्क किया गया था, जबकि गृहकर जलकर करीब छह साल से जमा नहीं किया गया। ऐसे में जब कोठी अफजाल के कब्जे में थी तब से उसका गृहकर-जलकर जमा नहीं किया गया।

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इसलिए कुर्क हुई थी कोठी

गाजीपुर प्रशासन ने इसे बेनामी संपत्ति मानते हुए कार्रवाई की थी। आरोप था कि अफजाल ने संगठित अपराध से अर्जित धन से 1998 में संपत्ति अपनी पत्नी फरहत अंसारी के नाम लीज पर ली थी। परिवार ने कुर्की के खिलाफ जिला जज कोर्ट और फिर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में अपील की। स्पेशल कोर्ट ने 7 अप्रैल 2025 को कुर्की आदेश रद्द कर संपत्ति मुक्त करने का आदेश दिया। 

शासन की अपील पर उच्च न्यायालय ने 7 अगस्त 2026 को पांच सप्ताह में मामले के निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बाद जिलाधिकारी गाजीपुर अनुपम शुक्ला ने 18 अगस्त को कुर्की समाप्त करने का आदेश जारी किया। बुधवार को नगर निगम ने कोठी की चाबी फरहत अंसारी को सौंप दी।

 

ओटीएस में ब्याज-सरचार्ज माफ

गृहकर और जलकर के बकायेदारों के लिए 15 अगस्त से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू है। यह 15 दिसंबर तक चलेगी। योजना के तहत बकाया जमा करने पर ब्याज और सरचार्ज में छूट मिलेगी। इसके तहत कोठी के गृहकर पर लगा 16,601 रुपये ब्याज और जलकर पर 7,912 रुपये सरचार्ज माफ हो सकता है।

 

अन्य भवनों से बकाया कर की वसूली होती

जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता उत्कर्ष राय ने बताया कि जिस तरह अन्य भवनों से बकाया कर की वसूली होती है उसी तरह यहां पर बिल भेजकर नियमानुसार कर की वसूली की जाएगी।

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