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यूपी सरकार सख्त, निजी अस्पताल कोरोना संक्रमितों से नहीं ले सकेंगे अधिक शुल्क

Fri, 11 Sep 2020 11:05 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 11 Sep 2020 11:05 AM IST
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UP: Private hospitals will not be able to charge more from Corona infected
Coronavirus - फोटो : PTI

निजी अस्पतालों के ओर से कोरोना संक्रमितों के इलाज के नाम पर की जा रही लूट खसोट की शिकायतों पर शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को नर्सिंग केयर, डॉक्टर विजिट और देखरेख के लिए शुल्क निर्धारित कर दिया है। 

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इसके बाद यदि कोई अस्पताल तय शुल्क से अधिक राशि लेता है तो उसके खिलाफ एपेडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के अनुसार निजी अस्पतालों के लिए सभी सुविधाओं को शामिल करते हुए एक पैकेज तय किया गया है। 
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इसमें कोविड केयर प्रोटोकाल के मुताबिक इलाज देने के लिए बेड, भोजन, नर्सिंग केयर, देखरेख, इमेजिंग, जांचें और डॉक्टर विजिट शामिल की गई है। पैकेज में डायबिटीज मरीजों के इलाज और हीमो डायलिसिस की सुविधा भी शामिल है। इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।
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शासनादेश के अनुसार, आरटीपीसीआर टेस्ट और आईएल-6 टेस्ट को दर निर्धारण में शामिल नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रयोगात्मक इलाज के रूप में शामिल रैमडेसिविर दवा शामिल नहीं है। गर्भवती महिलाओं का प्रसव, नॉर्मल या सीजेरियन, नवजात के इलाज पर होने वाले खर्च को अस्पताल आयुष्मान भारत योजना की दर पर अलग से ले सकता है, लेकिन योजना में शामिल मरीजों से प्रसव से संबंधित इलाज में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। 

निजी अस्पतालों के लिए तय पैकेज 

आइसोलेशन बेडः ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं के साथ प्रतिदिन की दर एनएबीएच अस्पताल के लिए 10 हजार रुपये और नॉन एनएबीएच अस्पताल के लिए 8 हजार रुपये निर्धारित की गई है।   

आईसीयू बेडः बिना वेंटिलेटर के लिए प्रतिदिन की दर एनएबीएच अस्पताल के लिए 15 हजार रुपये और नॉन एनएबीएच अस्पताल के लिए 13 हजार रुपये तय की गई हैं। इस श्रेणी में हाइपरटेंशन एवं अनियंत्रित डायबिटीज से पीड़ित मरीज भी शामिल हैं। 

आईसीयू बेड वेंटिलेटर सहितः एनएबीएच अस्पताल में प्रतिदिन 18 हजार और नॉन एनएबीएच अस्पतालों के लिए 15 हजार रुपये निर्धारित है। इस श्रेणी में हाई फ्लो नोजल कैनुला और बाईपेप की जरूरत वाले रोगियों का इलाज भी शामिल है।

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