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खुलासाः यूपी पुलिस नहीं दबंग, पूरे साल हुई पिटाई!

Sun, 28 Dec 2014 11:24 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 28 Dec 2014 11:24 AM IST
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Up police is beaten this whole year.

साल भर यूपी पुलिस पिटती रही, पर विभिन्न जिलों में तैनात महकमे के आला अफसर यह मानते ही नहीं कभी ऐसा भी हुआ है। अफसरों की यही गलतबयानी अब उनके गले की फांस बन गई है। उनसे इस झूठ पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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दरअसल कुछ दिन पहले बागपत जिले में उत्तराखंड पुलिस की एक टीम पर हमला कर अपराधियों ने एक शातिर बदमाश को छुड़ा लिया था। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों से दो एके-47 व एक कार्बाइन भी छीन ली थी।
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इस पर डीजीपी मुख्यालय ने सभी जोन के आईजी, रेंज के डीआईजी और जिलों के पुलिस कप्तानों से लिखित में पूछा था कि उनके यहां ऐसी कितनी और कौन-सी घटनाएं हुई हैं। पूरी जानकारी एक निर्धारित प्रोफार्मा में मांगी थी। लेकिन सबने एक ही जवाब दिया कि उनके कार्यक्षेत्र में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
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सभी जगहों से एक ही जवाब मिलने के एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने डीजीपी मुख्यालय के कंट्रोल रूम को कहा कि वह जिलों से रोज आने वाली सूचनाओं की जांच कर बताए कि कहां कौन-सी घटना हुई।

100 से ज्यादा बार हुआ पुलिस पर हमला

Up police is beaten this whole year.

क्योंकि सभी जिले अपराध व कानून व्यवस्था से जुड़ी हर जानकारी फैक्स व फोन के जरिये डीजीपी मुख्यालय के कंट्रोल रूम को भेजते हैं, जिसे कंट्रोल रूम के रजिस्टर में दर्ज की जाती है। जब उनके रिकॉर्ड को खंगाला गया तो सौ से अधिक ऐसे मामले सामने आए, जिनमें यूपी पुलिस पर हमला हुआ था।

डीजीपी मुख्यालय के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के बाद सभी जोन के आईजी, रेंज के डीआईजी और जिलों के पुलिस कप्तानों को उनके कार्यक्षेत्र में हुई घटनाओं का तिथिवार ब्यौरा भेजा गया है।

साथ ही पूछा गया है कि इन घटनाओं में पुलिस ने क्या कार्रवाई की, कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कितने के खिलाफ कार्रवाई बाकी है। अगर कार्रवाई करना शेष है तो क्यों? पर खास बात यह है कि अधिकारियों से यह भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि जब उनसे ऐसी घटनाओं की जानकारी मांगी गई थी तो उन्होंने गलत जानकारी क्यों दी थी।

एडीजी कानून व्यवस्था मुकुल गोयल ने बताया कि सभी जोन के आईजी, रेंज के डीआईजी और जिलों के पुलिस कप्तानों को पुलिस पर हमला मामला में नामजद व प्रकाश में आए आरोपियों के खिलाफ तय समय में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी मामलों में होने वाली कार्रवाई की डीजीपी मुख्यालय को सूचना दी जाए।

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