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पीठ पर खड़ा हुआ दरोगा, हाथ में कील ठोंकने की धमकी देकर कुबूल करवाई हत्या
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:17 PM IST
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पुलिस
- फोटो : amar ujala
फर्जी गुडवर्क से राजधानी पुलिस का दामन दागदार कर चुकी क्राइम ब्रांच एक बार फिर कठघरे में है। इस बार क्राइम ब्रांच ने खुदकुशी को हत्या साबित करने के लिए स्क्रिप्ट तैयार की। तय स्क्रिप्ट को एक बेगुनाह को पीट-पीटकर रटाया और उसे हत्या के आरोपी बताते हुए जेल भेज दिया।
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जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट सीधे-सीधे घटना को खुदकुशी बता रही थी। मामले की तह तक जाने के लिए जेल में बंद शख्स से ‘अमर उजाला’ ने बात की तो रोंगटे खड़ी करने वाली कहानी सामने आई।
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मामला है माल थाना क्षेत्र के जरौली स्थित सैनिक पुनर्वास निधि फार्म अटारी में 11 जनवरी की दोपहर गमछे के जरिये पेड़ से महिला का शव लटकता मिला। कमर तक का हिस्सा जमीन से छू रहा था। एक पैर में सफेद पीटी शू व दूसरे में सिर्फ मोजा था।
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दूसरा जूता कुछ दूर पड़ा था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के मुताबिक महिला की गला घोंटकर हत्या के बाद शव लटकाए जाने की आशंका जताई जा रही थी। दो दिन बाद उसकी शिनाख्त हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के बभनौवा गांव निवासी रामकली के रूप में हुई। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए चचेरे देवर शिवनंदन से अवैध संबंध के चलते हत्या की कहानी गढ़ी और उसे जेल भेज दिया।
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रात भर करवाई फंदे से लटकाने की रिहर्सल
डेमो पिक
- फोटो : demo pic
शिवनंदन ने बताया, पुलिस मुझे माल थाना के पीछे कमरे में ले गई। वहां बेरहमी से पीटा। कपड़े उतारकर पेट के बल लिटा दिया गया। एक पुलिसकर्मी ने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए जबकि एक दरोगा कमर पर खड़ा हो गया।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से डंडे से बरसाए। पुलिसकर्मी रामकली की हत्या के बारे में पूछते रहे। मना किया तो और पिटाई की गई। पुलिसकर्मियों ने शिवनंदन के हाथ में कीलें जड़वाने की धमकी दी तो वह टूट गया। उसने कहा कि जो लिखवाना हो लिखवा लो लेकिन पिटाई मत करो।
शिवनंदन को पुलिस ने रातभर हत्या करके शव फंदे से लटकाने की रिहर्सल कराई। पुलिसकर्मियों ने एक लुंगी देकर फंदा बनवाया। इसी फंदे को शव के गले में लपेटकर पेड़ से लटकाने की रिहर्सल कई बार की। रामकली को फोन करके सैनिक पुनर्वास निधि फार्म अटारी बुलवाने और हत्या कर फंदे से लटकाने की पूरी कहानी उसे रटाई गई।
इसके बाद पुलिसकर्मियों ने बेरहमी से डंडे से बरसाए। पुलिसकर्मी रामकली की हत्या के बारे में पूछते रहे। मना किया तो और पिटाई की गई। पुलिसकर्मियों ने शिवनंदन के हाथ में कीलें जड़वाने की धमकी दी तो वह टूट गया। उसने कहा कि जो लिखवाना हो लिखवा लो लेकिन पिटाई मत करो।
शिवनंदन को पुलिस ने रातभर हत्या करके शव फंदे से लटकाने की रिहर्सल कराई। पुलिसकर्मियों ने एक लुंगी देकर फंदा बनवाया। इसी फंदे को शव के गले में लपेटकर पेड़ से लटकाने की रिहर्सल कई बार की। रामकली को फोन करके सैनिक पुनर्वास निधि फार्म अटारी बुलवाने और हत्या कर फंदे से लटकाने की पूरी कहानी उसे रटाई गई।