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UP: केजीएमयू में पार्टो प्रक्रिया से रोका महिला के पेट में हो रहा रक्तस्राव, लिवर सिरोसिस की मरीज को मिला नया

Wed, 04 Feb 2026 05:59 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Wed, 04 Feb 2026 05:59 PM IST
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UP: 'Parto' procedure at KGMU stops bleeding in woman's abdomen; liver cirrhosis patient gets a new lease on l
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग ने इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के सहयोग से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने पहली बार प्लग-असिस्टेड रेट्रोग्रेड ट्रांसवेनस ऑब्लिटरेशन (पार्टो) प्रक्रिया की है। इससे लिवर सिरोसिस से पीड़ित 55 वर्षीय महिला को नया जीवन मिला है।

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गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुमित रुंगटा ने बताया कि यह प्रक्रिया हरदोई की रहने वाली एक महिला पर की गई, जो हेपेटाइटिस-सी के कारण लिवर सिरोसिस की गंभीर स्थिति से पीड़ित थीं। इसकी वजह से महिला को पेट और आंतों में रक्तस्राव हो रहा था। जांच के बाद महिला को विभाग में भर्ती कराया गया। 
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एंडोस्कोपिक जांच में पाया गया कि महिला की पेट की रक्त वाहिका सूज गईं थीं। रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ने की वजह से रक्तस्राव हो रहा था। इसके लिए महिला को ग्लू का इंजेक्शन दिया गया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद पेट के सीटी स्कैन में रक्तस्राव के स्थान का पता किया गया।

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पार्टो प्रक्रिया...एक नई उम्मीद

बार-बार होने वाले रक्तस्राव और रेडियोलॉजिकल निष्कर्षों को देखते हुए, डॉक्टरों ने पार्टो प्रक्रिया का निर्णय लिया। सामान्य मामलों में इसके लिए बैलून लगे हुए कैथेटर का इस्तेमाल किया जाता है। जबकि इस प्रक्रिया में बैलून के बजाय एम्पलैटजर वैस्कुलर प्लग और जिलेटिन स्पंज का उपयोग करके खून के प्रवाह को रोका जाता है। 



प्रक्रिया के बाद रोगी की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और वह वर्तमान में आउट पेशेंट विभाग में नियमित फॉलो-अप पर हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित रुंगटा के साथ ही डॉ. अनन्य गुप्ता और रेडियोलॉजी विभाग के डॉ. अनित परिहार, डॉ. सौरभ गुप्ता और डॉ. सिद्धार्थ ने इसे अंजाम दिया। मरीज की देखरेख में डॉ. शशांक गुप्ता और डॉ. तुषार कुंडू ने योगदान दिया।



 

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