यूपी: ओपी राजभर ने की पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल पर तीखी टिप्पणी, कहा-IAS बनना आसान, एक रैली करके देख लें
OP Rajbhar: ओपी राजभर ने कहा कि आईएएस बनना आसान है, लेकिन विधायक बनना बहुत कठिन है। चुनाव लड़ने के दौरान लोगों के बीच जाना पड़ता है। एक-एक व्यक्ति के सामने हाथ जोड़ने पड़ते हैं।
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पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक टीवी इंटरव्यू में दिव्या मित्तल के फैसले पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि आजकल जिसके पास पैसा हो जाता है, वह राजनीति में आना चाहता है। उन्होंने कहा कि दिव्या मित्तल ने भी खूब पैसा कमा लिया होगा, इसलिए अब राजनीति में आई हैं।
राजभर ने कहा कि आईएएस बनना आसान है, लेकिन विधायक बनना बहुत कठिन है। चुनाव लड़ने के दौरान लोगों के बीच जाना पड़ता है। एक-एक व्यक्ति के सामने हाथ जोड़ने पड़ते हैं, उनकी बातें सुननी पड़ती हैं और उनके काम कराने पड़ते हैं। उनके मुताबिक प्रशासनिक सेवा और चुनावी राजनीति का तरीका अलग है। उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार के डीजीपी भी इस्तीफा देकर एमएलए बनने गए थे। क्या हुआ... लौटकर घर चले गए।
दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा दिया है। इसके बाद 29 सितंबर को वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने राजनीति में आने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों की आवाज बनना चाहती हैं, जिनकी समस्याएं सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पातीं या पहुंचने के बाद भी नहीं सुनी जातीं। दिव्या ने फिलहाल किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है।
वह सपा में जाएंगी...
वीडियो बयान में दिव्या मित्तल ने सरकार पर निशाना साधा था। इसको लेकर राजभर ने कहा कि वह (दिव्या) सपा में जाएंगी। उनकी मंशा सपा में शामिल होकर राजनीति करने की है। फिर बोले कि पैसे की गर्मी है और कोई बात नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि निर्दलीय लड़ेंगी तो कितने वोट पाएंगी। अब जब आएंगी राजनीति के मैदान में, तब भिड़ंत होगी।
एक रैली कर लें, पता चल जाएगा
राजभर ने कहा कि दिव्या मित्तल प्रदेश भर के किसी भी एक जिले में रैली कर लें, तब समझ में आ जाएगा। उसके बाद वह खुद लौट जाएंगी। खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि 14 साल तक संघर्ष किया, तब यहां तक पहुंचा हूं। जीरो से सफर शुरू किया था।