{"_id":"658592def1501cf0570d8ab5","slug":"up-omprakash-rajbhar-met-cm-yogi-2023-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: सीएम योगी से मिले ओमप्रकाश राजभर, राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने पर चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: सीएम योगी से मिले ओमप्रकाश राजभर, राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने पर चर्चा
Fri, 22 Dec 2023 07:15 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 22 Dec 2023 07:15 PM IST
सार
पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर के मुताबिक सुभासपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री को बताया कि भर, राजभर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए 17 जिलों का सर्वे कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट सरकार के पास है।
विज्ञापन
राजभर से मिले सीएम योगी।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार को उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस दौरान भर, राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने पर चर्चा हुई। साथ ही, उन्होंने इटावा के सैफई तहसील के गांव रणवीर नगर में बंजारा जाति के 2500 लोगों की समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर के मुताबिक सुभासपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री को बताया कि भर, राजभर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए 17 जिलों का सर्वे कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट सरकार के पास है। इसे जल्द केंद्र सरकार को सौंपा जाना है। लोकसभा चुनाव से पहले भर/राजभर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की संभावना है। भर, राजभर जाति यूपी में पिछड़ा व विमुक्त जाति में तथा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध है।
विमुक्त जाति की क्रम संख्या 1 से 19 में से क्रम संख्या 17 पर अंकित भर जाति को छोड़कर सभी जातियों को या तो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध किए जाने के लिए अष्टम विधानसभा की याचिका समिति द्वारा सिफारिश की गयी है। वहीं, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हालिया आदेश में भर/राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध किए जाने के लिए दो माह के अंदर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने का दोबारा आदेश दिया गया है। अरुण राजभर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस दिशा में कार्य कर रहे हैं, वह सुभासपा के विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने वाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर के मुताबिक सुभासपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री को बताया कि भर, राजभर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने के लिए 17 जिलों का सर्वे कराया गया था, जिसकी रिपोर्ट सरकार के पास है। इसे जल्द केंद्र सरकार को सौंपा जाना है। लोकसभा चुनाव से पहले भर/राजभर जाति को अनुसूचित जाति में शामिल करने की संभावना है। भर, राजभर जाति यूपी में पिछड़ा व विमुक्त जाति में तथा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध है।
विज्ञापन
विमुक्त जाति की क्रम संख्या 1 से 19 में से क्रम संख्या 17 पर अंकित भर जाति को छोड़कर सभी जातियों को या तो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध किए जाने के लिए अष्टम विधानसभा की याचिका समिति द्वारा सिफारिश की गयी है। वहीं, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हालिया आदेश में भर/राजभर जाति को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध किए जाने के लिए दो माह के अंदर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने का दोबारा आदेश दिया गया है। अरुण राजभर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस दिशा में कार्य कर रहे हैं, वह सुभासपा के विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने वाली है।
विज्ञापन