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यूपी: प्रदेश में अब लोमड़ी और सियार काटने से मौत पर मिलेंगे 4 लाख, इन 11 जानवरों के हमले पर मिलेगा मुआवजा
Wed, 18 Jun 2025 09:09 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Wed, 18 Jun 2025 09:09 PM IST
सार
Compensation will be given for 11 wild animals: यूपी में अब लोमड़ी और सियार के काटने से होने वाली मौत पर चार लाख का मुआवजा दिया जाएगा। अब प्रदेश में 11 ऐसे जानवर हो गए हैं जिनके लिए मुआवजा मिलेगा।
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सियार के हमले से मौत पर मिलेगा मुआवजा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
प्रदेश में अब लोमड़ी और सियार के काटने से मौत होने पर प्रभावित परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। सरकार ने लोमड़ी और सियार के हमले से होने वाली जनहानि को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अब राज्य आपदा की इस श्रेणी में कुल 11 वन्यजीव शामिल कर लिए गए हैं।
यूपी में बाघ, शेर, तेंदुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैंडा और जंगली सुअर के हमले से इंसान की जान जाने पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। इन सभी जानवरों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की श्रेणी-1 में रखा गया है। वहीं, श्रेणी-2 में लोमड़ी और सियार को स्थान दिया गया है।
यहां बता दें कि बेमौसम भारी वर्षा, अतिवृष्टि, बिजली, आंधी, तूफान, लू प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई, गैस रिसाव, बोरवेल में गिरने से होने वाला हादसा, कुंआ, नदी, झील, तालाब, पोखर, नहर, नाला, गड्ढा, जल प्रपात में डूबकर होने वाली मृत्यु और सांड व वनरोज (नीलगाय) के आघात से होने वाली घटनाओं को पहले ही राज्य आपदा घोषित किया जा चुका है।
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मधुमक्खी का हमला फिलहाल आपदा नहीं
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारी समिति ने मधुमक्खी के हमले से होने वाली मौत को भी राज्य आपदा में शामिल करने की संस्तुति की थी। उच्चस्तर से यह प्रस्ताव फिलहाल पास नहीं हुआ है। कहा गया है कि पहले वन विभाग से यह परामर्श ले लिया जाए कि मधुमक्खी वन्यजीव के अंतर्गत आती है कि नहीं। वहीं, बिल्डिंग गिरने की घटना को राज्य आपदा घोषित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया गया।
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यूपी में बाघ, शेर, तेंदुआ, भेड़िया, लकड़बग्घा, मगरमच्छ, हाथी, गैंडा और जंगली सुअर के हमले से इंसान की जान जाने पर पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाता है। इन सभी जानवरों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की श्रेणी-1 में रखा गया है। वहीं, श्रेणी-2 में लोमड़ी और सियार को स्थान दिया गया है।
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यहां बता दें कि बेमौसम भारी वर्षा, अतिवृष्टि, बिजली, आंधी, तूफान, लू प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई, गैस रिसाव, बोरवेल में गिरने से होने वाला हादसा, कुंआ, नदी, झील, तालाब, पोखर, नहर, नाला, गड्ढा, जल प्रपात में डूबकर होने वाली मृत्यु और सांड व वनरोज (नीलगाय) के आघात से होने वाली घटनाओं को पहले ही राज्य आपदा घोषित किया जा चुका है।
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मधुमक्खी का हमला फिलहाल आपदा नहीं
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य कार्यकारी समिति ने मधुमक्खी के हमले से होने वाली मौत को भी राज्य आपदा में शामिल करने की संस्तुति की थी। उच्चस्तर से यह प्रस्ताव फिलहाल पास नहीं हुआ है। कहा गया है कि पहले वन विभाग से यह परामर्श ले लिया जाए कि मधुमक्खी वन्यजीव के अंतर्गत आती है कि नहीं। वहीं, बिल्डिंग गिरने की घटना को राज्य आपदा घोषित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया गया।