Bahraich Nikay Chunav: 23 साल बाद शहर में सुधा ने फहराया भगवा, मुस्लिम वोटरों का ध्रुवीकरण होने से मिली जीत
बहराइच शहर की नगर पालिका सीट पर भाजपा ने 23 साल बाद जीत हासिल की है। भाजपा पहले ही राउंड से बढ़त बनाए हुए थी जो कि अंत तक कायम रही।
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विस्तार
बहराइच शहर की नगर पालिका परिषद सीट पर भाजपा के सूखे को समाप्त करते हुए 23 साल बाद भगवा फहराने का काम सुधा देवी ने किया है। जबकि दूसरे नंबर पर दो बार चेयरमैन रही निर्दलीय रूबीना रेहान रही और सपा को तीसरा स्थान पाकर संतोष करना पड़ा। शहर सीट पर मिली जीत से भाजपाईयों को भी नया जोश मिला है।
जानकार बताते है कि वर्ष 2000 के निकाय चुनाव में शहर में नगर पालिका परिषद की सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 23 साल बीत गए लेकिन बीजेपी को जीत नहीं मिली। दो बार सपा व दो बार निर्दलीय ने चुनाव जीते। लेकिन इस बार बीजेपी ने यहां से पार्टी के जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल की पत्नी सुधा देवी को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा और उन्होंने इस सीट पर 15236 वोटों से जीत दर्ज कर पार्टी को 23 साल बाद कुर्सी दिलाने का काम किया है। मुस्लिम बाहुल्य मानी जाने वाली इस सीट पर बीजेपी के लिए जीत दर्ज करना आसान नहीं था लेकिन पार्टी की रणनीति व मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण होने से फायदा मिला और जीत का परचम लहरा गया है। हालांकि इस बार के चुनाव में भी बीजेपी को तमाम भितरघातियों का सामना करना पड़ा लेकिन जीत ने इस सब पर पर्दा डाल दिया है।
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तीन मुस्लिम प्रत्याशियों में रही टक्कर
शहर की सीट पर पहले राउंड की मतगणना परिणाम से ही बीजेपी प्रत्याशी ने बढ़त बना रखी थी। जबकि यहां पर सपा, निर्दलीय व आईएमआईएम ओवैसी की पार्टी की प्रत्याशी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होता रहा। इसी का नतीजा रहा कि बीजेपी लगातार बढ़त बनाए रही। यहां मुस्लिम वोटों के बंटने का सीधा फायदा बीजेपी को मिला।
किसे मिला कितना वोट
1- जाहिदा- समाजवादी पार्टी- 17375
2- जूही रजा- आईएमआईएम- 10859
3-तिलक प्रवीन- आम आदमी पार्टी- 439
4- नंदिनी- कांग्रेस- 1903
5- सुधा देवी- बीजेपी- 33987
6- आयशा- निर्दलीय-391
7- प्रेमलता- निर्दलीय- 196
8-पूनम- निर्दलीय- 396
9- रूबीना रेहान- निर्दलीय- 18751
10-रेशमा- निर्दलीय-348
11- शबनम बेगम-503
12- नोटा-253
13- अवैैध मत-3446
शहर को बनाएंगे सुंदर
बीजेपी से चुनाव जीतने के बाद अमर उजाला से बातचीत में सुधा ने बताया कि उनकी प्राथमिकता रहेगी कि शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाया जाए। उन्होंने कहा जलभराव की समस्या, सड़कें, नाली, नाला सही कराए जाएंगे। सीवर लाइन से लेकर शहर को जाम से मुक्ति मिल सके इसके लिए प्लान तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा यह समस्त शहरवासियों की जीत है।
पयागपुर में मजबूत हुई सपा
नगर पंचायत के पहले चुनाव में ही सपा के कब्जे ने भाजपा के मजबूत किले को तास के पत्तो की तरह ढहा कर दूरगामी राजनैतिक संदेश दिया है। इस अप्रत्याशित जीत से जहां सपा गदगद है वहीं भाजपा के अन्य प्रतिनिधियों के होश उड़ा दिए हैं।
फिलहाल इस जीत की पटकथा तभी तैयार हो गई थी जब भाजपा ने अपने पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर बाहरी को टिकट घोषित किया था। जिसके बाद ही पार्टी को वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का भारी विरोध भी झेलना पड़ा था। जिसे सबकुछ सामान्य दिखाने का प्रयास चलता रहा। लेकिन चुनाव परिणाम ने सब कुछ बयां कर दिया। सपा की इस जीत में भाजपा के भितरघातियों का भी कहीं न कंही बड़ा योगदान दिखाई पड़ता है।पार्टी के आकाओं को इस पर मंथन करने पर विवश कर दिया है।
खिला कमल, दौड़ी साइकिल, कम नहीं निर्दल
निकाय चुनाव में सत्ताधारी भाजपा समेत प्रमुख राजनीतिक दलों सपा, कांग्रेस, आप आदि को निर्दलीय प्रत्याशियों ने कड़ी टक्कर दी। एक नगर पालिका में जहां निर्दल ने जीत दर्ज की तो वहीं पांच स्थानों पर निर्दल प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहते हुए टक्कर देते नजर आए। शनिवार की देर शाम घोषित हुए परिणामों में सत्ताधारी दल भाजपा को एक नगर पालिका व दो नगर पंचायतों से ही संतोष करना पड़ा। वहीं प्रमुख विपक्षी दल सपा ने तीन नगर पंचायतों में जीत दर्ज की। बहराइच नगर पालिका से भाजपा प्रत्याशी सुधा देवी ने सर्वाधिक 15236 मतों से जीत दर्ज की। सभी जीते हुए प्रत्याशियों को संबंधित निकाय के आरओ ने प्रमाण पत्र वितरित किया। वहीं समर्थकों ने मार्ल्यापण कर उनको बधाई दी।
नगर निकाय चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रमुख राजनीतिक दल दंभ भर रहे थे और सभी चुनावी जुगत लगा रहे थे। लेकिन शनिवार को मतगणना पूरी होने के बाद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को पछाड़ते हुए निर्दल प्रत्याशियों ने एक नगर पालिका व एक नगर पंचायत में जीत दर्ज की। साथ ही पांच निकायों में दूसरे स्थान पर निर्दल प्रत्याशी रहे। बहराइच नगर पालिका से भाजपा प्रत्याशी सुधा देवी को 33984 मत मिले और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दल प्रत्याशी रुबीना रेहान को 15236 मतों से पराजित किया। रुबीना को 18748 मत मिले।
तीसरे स्थान पर सपा प्रत्याशी जाहिदा बेगम रहीं, जाहिदा को 17375 मत मिले। एआईएमआईएम से चुनाव लड़ी जूही रजा ने 10859 मत हासिल किए। नगर पालिका नानपारा में निर्दल प्रत्याशी अब्दुल वहीद ने 12674 मत पाकर निर्दल प्रत्याशी अब्दुल मोहीद राजू को 6020 मतों से हराया। अब्दुल मोहीद राजू को 6654 मत मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश शर्मा को 4189 मत के साथ तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
रुपईडीहा नगर पंचायत में भाजपा प्रत्याशी डॉ. उमाशंकर वैश्य ने करीबी मुकाबले में निर्दल प्रत्याशी जुबेर फारुकी को 156 मतों से हराया। भाजपा के डॉ. उमाशंकर वैश्य को जहां 4652 मत मिले तो वहीं निर्दल प्रत्याशी जुबेर फारुकी ने 4496 मत हासिल किए। नामांकन से ही विवादों में घिरी रही पयागपुर नगर पंचायत में सपा प्रत्याशी बालेन्द्र श्रीवास्तव ने निर्दल प्रत्याशी सत्यवती को 4418 मतों से पराजित किया। बालेन्द्र को जहां 7229 तो वहीं निर्दल प्रत्याशी सत्यवती को 2811 मत मिले। वहीं यहां भाजपा प्रत्याशी सीमा सिंह को 2129 मत के साथ तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। नवसृजित मिहींपुरवा नगर पंचायत में भी उठापटक के बीच भाजपा प्रत्याशी जितेन्द्र मधेशिया ने निर्दल प्रत्याशी अख्तर अली को 316 मतों से पराजित किया। अख्तर अली को जहां 2795 तो वहीं भाजपा के जितेन्द्र मदेशिया को 3111 मत मिले।
जवरल नगर पंचायत में भी सत्ताधारी भाजपा प्रत्याशी की हालत पतली रही। यहां सपा प्रत्याशी तस्लीम बानों ने 3865 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे एसडीपीआई के साहिबे आलम को 2438 मतों से पराजित किया। साहिबे आलम को 1427 मत मिले। यहां तीसरे स्थान पर 1362 मत पाकर भाजपा के चंदन गुप्ता रहे। कैसरगंज नगर पंचायत में सपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली।
यहां सपा के युसुफ अली सोनू ने भाजपा के विजय सिंह को 249 मतों से हराया। युसुफ अली को 4309 व भाजपा के विजय पुष्पम को 4059 मत मिले। वहीं रिसिया नगर पंचायत में खबर लिखे जाने तक गहमागहमी जारी रही। सूत्रों के मुताबिक निर्दल प्रत्याशी ने 109 मतों से चुनाव जीत लिया है, जिसके बाद रिकाउंटिंग का दबाव बनाया जा रहा है और पुनर्मतणना की जा रही है।
चार नगर पंचायतों में पहली बार बनी शहर की सरकार
जिले की चार नवसृजित नगर पंचायतों में पहली बार मतदाताओं ने शहर की सरकार चुनी है। सभी नगर पंचायतों के परिणाम सामने आने के बाद अब यहां के लोगों को विकास कार्यों को गति मिलने व क्षेत्र का विकास होने की उम्मीद जगी है। अब यहां के लोगों को बेहतर सड़कें, शुद्ध पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति समेत शहरों जैसी सभी सुविधाएं मिलने की संभावनाएं नजर आ रही हैं।
शासन की ओर से वर्ष 2022 में जिले की पयागपुर, कैसरगंज, मिहींपुरवा व रुपईडीहा को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था। जिससे यहां के लोग भी पहली बार शहर की सरकार चुनने के लिए बीते काफी दिनों से मतदान का इंतजार कर रहे थे। इस बार हुए निकाय चुनाव में नवसृजित नगर पंचायतों के मतदाताओं ने पूरे जोश व उत्साह के साथ चुनाव प्रक्रिया में शामिल होते हुए मतदान किया।
अभी इन क्षेत्रों में बदहाल सड़कें, शुद्ध पेयजल की किल्लत व अघोषित विद्युत कटौती समेत अन्य समस्याओं से लोग परेशान थे। अब परिणाम सामने आने पर यहां के लोगों को शहर की भांति सुविधाएं मिलने की आस जगी है। चुनाव में विजेताओं ने चुनाव के दौरान नागरिकों से बेहतर सड़कें, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं समेत अन्य सुविधाएं प्रदान करने के वादे किए थे। अब जनता की निगाहें इन वादों पर टिकी हैं। लोगों को अब क्षेत्र का विकास तेजी से होने की संभावना दिख रही है।श्रावस्ती: भिनगा से इरफान, इकौना से गजाला बनीं अध्यक्ष
जिले के दोनों निकायों से भाजपा का पत्ता साफ हो गया। नगर पालिका भिनगा में भाजपा को हराकर बसपा के इरफान तो इकौना में सपा को हराकर कांग्रेस की गजाला चौधरी अध्यक्ष बनीं। इकौना में भाजपा तीसरे स्थान पर रही। नगर निकाय का परिणाम शनिवार शाम तक घोषित कर दिया गया। सुबह 8:00 बजे से शुरू हुआ मतगणना का रुझान एक घंटे बाद ही आने लगा। इसी के बाद भिनगा में करीब तीन बजे अंतिम परिणाम की घोषणा कर दी गई। जिसमें बसपा प्रत्याशी इरफान अहमद को विजेता घोषित किया गया। इन्हें पड़े कुल मत 21,149 में से 7220 वोट प्राप्त हुए हैं। जबकि इनके निकटतम भाजपा प्रत्याशी को केवल 4,183 मत ही प्राप्त हुए। ऐसे में बसपा को 3,037 मतों से जीत मिली। वहीं इकौना में कुल पड़े 8,406 मतों में से कांग्रेस की गजाला को 3,175 मत प्राप्त हुए। जबकि उसके निकटतम प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के राबिया खातून को 2,975 मत ही प्राप्त हुए। यहां कांग्रेस ने 200 मतों से अपनी जीत दर्ज की है। यहां भाजपा प्रत्याशी शांती को मात्र 1,975 मत ही प्राप्त हो पाए। जबकि इकौना में नोटा मतों की संख्या 11 व भिनगा में 42 थी।
दोनों निकायों में भाजपा अल्पमत में
नगर पालिका परिषद भिनगा में कुल 25 वार्ड सदस्य हैं। इसमें से छह वार्ड सदस्य सपा के, कांग्रेस के पांच, निर्दल आठ, बसपा के तीन व भाजपा के भी तीन सदस्य चुने गए हैं। कुछ वार्ड तो ऐसे थे जहां वोटरों ने निर्दल के सामने सत्ता दल को कोई तवज्जो ही नहीं दी। दोनों के मतों का अंतर ज्यादा है।
कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण हुई मतगणना
नगर पालिका परिषद भिनगा व नगर पंचायत इकौना के लिए शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना कराई गई। इस दौरान भिनगा में गल्ला मंडी व इकौना तहसील परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। प्रेक्षक सहित डीएम एसपी व अन्य अधिकारी पल पल मतगणना का अपडेट लेते रहे। वहीं शांतिपूर्ण मतगणना संपन्न कराने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस लिया।
नगर पालिका परिषद भिनगा में पड़े मतों क गणना नवीन गल्ला मंडी पटना खरगौरा में कराई गई। इस दौरान बगैर पास किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, प्रत्याशी, एजेंट आदि को गल्ला मंडी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। मतगणना स्थल से करीब पांच सौ मीटर दूर शिवालिक महाविद्यालय पर बैरीगेटिंग लगा कर भिनगा बहराइच फोरलेन के एक पटरी पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहा।
यही स्थिति इकौना की भी रही। जहां इकौना तहसील परिसर के मुख्य गेट के अंदर बगैर पास लोगों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहा। स्वयं डीएम नेहा प्रकाश, एसपी प्राची सिंह तथा प्रेक्षक व प्रभारी महानिदेशक स्कूली शिक्षा व विशेष सचिव बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश विजय किरन आनंद भिनगा व इकौना का भ्रमण कर मतगणना की पल पल की अपडेट लेते रहे।