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UP News : दो माह में पूरी करनी होगी पाक्सो एक्ट के मामलों की जांच, कार्यवाहक डीजीपी ने जताई नाराजगी
Mon, 25 Jul 2022 09:21 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 25 Jul 2022 09:21 PM IST
सार
प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान ने नाराजगी जताई कि पहले भी इससे संबंधित निर्देश जारी किए गए थे लेकिन उसका कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखा है।
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देवेंद्र सिंह चौहान।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रदेश के कार्यवाहक डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान ने सोमवार को मातहतों को निर्देश दिए हैं कि पाक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच दो माह में पूरी कर चार्जशीट न्यायालय को भेजें। उन्होंने नाराजगी जताई कि पहले भी इससे संबंधित निर्देश जारी किए गए थे लेकिन उसका कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखा है।
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पत्र में कहा गया है कि बच्चों के लैंगिग शोषण व दुरुपयोग जैसी घटनाएं अत्यंत गंभीर व निंदनीय होने के साथ समाज व न्याय व्यवस्था के लिए चिंतन का विषय है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और विवेचना में वैज्ञानिक तथ्यों व साक्ष्यों के समावेश पर जोर दिया गया है, जिससे कि अपराधियों को न्यायालय में दंडित कराया जा सके।
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चौहान ने कहा है कि ऐसे मामलों में तत्काल मुकदमा दर्ज करने के साथ ही घटनास्थल से बरामद किए गए साक्ष्यों को दो दिन के भीतर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाए। वहां से 15 दिन के भीतर आख्या प्राप्त कर विवेचना पूरी की जाए। उन्होंने कहा है कि आईपीसी की धारा 376-ए, एबी, बी, सी, डी, डीए, डीबी व ई के अपराधों की विवेचना निर्धारित समयसीमा के अंदर पूरी कराई जाए।
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