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राज्य कर विभाग के पोर्टल में सेंधमारी: कर्मियों के भविष्य से खिलवाड़, एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की

Wed, 02 Sep 2026 11:37 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Wed, 02 Sep 2026 11:37 AM IST
सार

अधिकारियों की आईडी के पासवर्ड रिसेट कर कर्मियों की वार्षिक प्रविष्टियों में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी। कुछ की सत्यनिष्ठा तक संदिग्ध कर दी। प्रभावित कर्मचारियों ने शासन से एफआईआर दर्ज कराकर जांच की मांग की है।

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Breach in State Tax Department portal: Futures of 22 employees jeopardized
राज्यकर विभाग के पोर्टल में सेंधमारी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राज्य कर विभाग के मानव संपदा पोर्टल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। गाजियाबाद जोन में 22 राज्यकर्मियों की वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक प्रविष्टियां कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से बदल दी गईं। आरोप है कि अधिकारियों की आईडी के पासवर्ड रिसेट कर कर्मियों की वार्षिक प्रविष्टियों में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी। कुछ की सत्यनिष्ठा तक संदिग्ध कर दी।

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प्रभावित कर्मचारियों ने शासन से एफआईआर दर्ज कराकर जांच की मांग की है। इससे साफ होगा कि यह मानवीय भूल थी या सिस्टम में सेंध लगाई गई। राज्य कर विभाग और शासन ने कार्रवाई का आदेश दे दिया है। बता दें कि मानव संपदा पोर्टल का इस्तेमाल राज्य कर्मचारियों की सेवा सूचनाओं के डिजिटल प्रबंधन के लिए होता है। राज्य कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 से यह व्यवस्था लागू की है।
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गाजियाबाद जोन के संगठन की और से उपलब्ध कराई सूची में 23 प्रविष्टियां हैं। इसमें समान आईडी के साथ रोहित पाराशर का नाम दो बार है। वहीं, प्रदीप कुमार नाम की दो प्रविष्टियों में मानव संपदा आईडी अलग हैं। प्रभावितों में नितिन विजेता मित्तल, विकास त्यागी, अनुज राय, मोहित दुबे, अजय कुमार, ज्योति पाली, रमेश प्रताप सिंह दीक्षित, सचिन कुमार, रामानंद यादव, कल्पना, वरुण चौहान, प्रदीप कुमार, भोपाल, रोहित पाराशर, विपिन कुमार, नवीन कुमार, रजिया खान, रामेंद्र सिंह, प्रिंस कुमार, प्रदीप कुमार, अजय कश्यप और रोहित वर्मा हैं।
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जिन अधिकारियों की आईडी से वार्षिक प्रविष्टियां दर्ज हैं, उन्होंने ऐसा करने से इन्कार किया है। कर्मियों का दावा है कि मास्टर एडमिन या उच्चस्तरीय लॉगइन से अधिकारियों के पासवर्ड रिसेट किए गए। आरोप सही पाए जाने पर मामला वार्षिक प्रविष्टि में गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी डिजिटल सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश व अभिलेख से छेड़छाड़ का बन सकता है।

तीन की पदोन्नति रुकी: वार्षिक प्रविष्टि में कथित छेड़छाड़ के कारण तीन कर्मियों की पदोन्नति रुक गई है। वहीं, कुछ के वित्तीय उन्नयन के लाभ (एसीपी) पर भी संकट खड़ा हो गया है। सवाल उठ रहा है कि पोर्टल पर यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिये हुई अनधिकृत गतिविधि विभागीय निगरानी व्यवस्था की पकड़ में क्यों नहीं आई? कर्मचारियों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई में देरी हुई।

इनके जवाब जरूरी

- किस यूजर आईडी से प्रविष्टियां बदलीं
- अफसरों के पासवर्ड कब और किसने रिसेट किए
- लॉगइन किस आईपी एड्रेस व डिवाइस से हुआ

राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने का कहना है कि जांच के आदेश दिए गए हैं। साइबर फ्रॉड की आशंका है। मामले की जांच के लिए गाजियाबाद में राज्य कर के अपर आयुक्त को भी कहा गया है। 

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