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UP News : निर्माण कार्यों में खेल, अंत्येष्टि स्थल को नहीं छोड़ा, ग्राम पंचायतों में हुए ऑडिट में भारी खामियां
Mon, 20 Feb 2023 11:49 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:49 PM IST
सार
मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुल 821 क्षेत्र पंचायतों में से मात्र 88 का तो 55494 ग्राम पंचायतों में से केवल 38563 की ही लेखा परीक्षा कराई जा सकी। उन्होंने कहा कि सभी का ऑडिट होना चाहिए।
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विस्तार
ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में जमकर घोटाला किया गया। मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां एवं पंचायतें ने सोमवार को विधानसभा में ग्राम पंचायतों का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2015-2016 पेश किया। इस ऑडिट में पता चला कि गांवों में न केवल निर्माण कार्यों में खेल किया गया बल्कि अंत्येष्टि स्थल, बच्चों की छात्रवृत्ति तक को नहीं बख्शा गया।
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रिपोर्ट के मुताबिक बदायूं जिले की गांव उसावां देहात में सामने आया कि इस गांव में फर्जी, ईंट, सीमेंट, मौरंग आदि की खरीद कर कोई काम नहीं कराया गया। कैश बुक में फर्जी व्यय दिखाया। इस पर ग्राम पंचायत अधिकारी एवं प्रधान से 784563 रुपये मय ब्याज वसूलने अपेक्षित पाया गया। मेरठ हस्तिनापुर के गांव माखन नगर में निर्माण सामग्री के बदले भुगतान संबंधित फर्म को न कर किसी दूसरी पार्टी को कर दिया गया। ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी से 87985 की वसूली को कहा गया है।
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सहारनपुर के गांव काकड़ा में अंत्येष्टि स्थल के लिए प्राप्त हुई धनराशि को दूसरे कामों में खर्च कर दिया गया। इस रकम का दुरुपयोग मानते हुए ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी से 42893 रुपये की वसूली को कहा गया है। जनपद बलरामपुर के गांव बरदहवा में छात्रवृत्ति वितरण के लिए एक बैंक से निकाली गई रकम 157780 तथा दूसरे बैंक से 336710 रुपये में गड़बड़ी पाई गई। यहां भी इस रकम को ग्राम प्रधान तथा प्रधान अध्यापक से वसूली अपेक्षित पाई गई। रायबरेली में ग्राम पंचायत दोस्तपुर में हुए इंटरलॉकिंग कार्यों में खेल मिला। यहां के प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी से 207797 रुपये की वसूली के लिए कहा गया। सीतापुर के गांव राजापुर इसरौली में हैंडपंप मरम्मत में खेल मिला। रामपुर मथुरा में सोलर लाइट कितनी कहां लगी, इसका कोई हिसाब किताब नहीं मिला। उन्नाव में गांव कैथोली में हैंडपंप लगाने, चहोलिया में खड़ंजा निर्माण में, जखैला में मिट्टी पटाई आदि में खेल किया गया।
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सभी का हो ऑडिट
मुख्य लेखा परीक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुल 821 क्षेत्र पंचायतों में से मात्र 88 का तो 55494 ग्राम पंचायतों में से केवल 38563 की ही लेखा परीक्षा कराई जा सकी। उन्होंने कहा कि सभी का ऑडिट होना चाहिए। यदि कोई भी पंचायत इससे इंकार करे तो उसका अनुदान बजट अवमुक्त न किया जाए। व्यवहार में संपूर्ण प्रदेश में ऐसा कोई उदाहरण प्राप्त नहीं हुआ जिसमें किसी अधिकारी पर कोई कार्रवाई की गई हो।