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UP News : पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट इसी माह संभव, अप्रैल में हो सकते हैं निकाय चुनाव
Thu, 16 Feb 2023 11:05 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 16 Feb 2023 11:05 AM IST
सार
आयोग अब तक 46 जिलों में जाकर नगर विकास विभाग द्वारा कराये गए रैपिड सर्वे व चक्रानुक्रम आरक्षण के बारे में जानकारी जुटा चुका है। जिलों में भ्रमण के दौरान जिस तरह से चक्रानुक्रम आरक्षण और रैपिड सर्वे की प्रक्रिया में काफी विसंगति मिली है, उससे स्पष्ट है कि अन्य जिलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां हो सकती हैं।
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निकाय चुनाव
- फोटो : Social Media
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विस्तार
उप्र राज्य स्थानीय निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ओबीसी आरक्षण के संबंध में इसी महीने शासन को अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। आयोग के चेयरमैन पूर्व न्यायमूर्ति राम अवतार सिंह का कहना है कि प्रदेश के करीब 46 जिलों का भ्रमण पूरा कर लिया गया है और इसी आधार पर रिपोर्ट तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास है कि जल्द से जल्द रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई समय सीमा के मुताबिक आयोग को 31 मार्च तक ओबीसी के आरक्षण के संबंध रिपोर्ट देनी थी।
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उधर, इसी महीने रिपोर्ट सौंपने की संभावना को देखते हुए नगर विकास विभाग भी चुनाव की तैयारियों में जुट गया है। विभाग के सूत्रों का कहना है कि यदि आयोग ने इस महीने में रिपोर्ट सौंप दी तो अप्रैल तक निकाय चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे।
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आयोग के चेयरमैन ने कहा कि हमारा प्रयास है कि ओबीसी आरक्षण को लेकर रिपोर्ट शीघ्र सरकार को सौंप दी जाए। इसके लिए आयोग के सभी सदस्य मिलकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयोग अब तक 46 जिलों में जाकर नगर विकास विभाग द्वारा कराये गए रैपिड सर्वे व चक्रानुक्रम आरक्षण के बारे में जानकारी जुटा चुका है। जिलों में भ्रमण के दौरान जिस तरह से चक्रानुक्रम आरक्षण और रैपिड सर्वे की प्रक्रिया में काफी विसंगति मिली है, उससे स्पष्ट है कि अन्य जिलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि आयोग जिलों के भ्रमण के दौरान खामियों को ध्यान में रखते हुए अध्ययन कर रहा है और इसके आधार पर ही रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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एमपी, महाराष्ट्र मंडल आयोग की रिपोर्ट का किया अध्ययन
आयोग के चेयरमैन ने कहा कि ओबीसी आरक्षण देने के मानकों के संबंध में आयोग के सदस्यों ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में गठित पिछड़ा वर्ग आयोग के अलावा मंडल आयोग की रिपोर्ट का भी अध्ययन किया है। हालांकि दोनों प्रदेशों और यूपी की जातीय परिस्थितियों में काफी अंतर है। फिर भी आरक्षण को लेकर सामने आए कुछ बिंदुओं का अध्ययन किया गया है।