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सुना है क्या: "जिसको पिलाई चाय, उसका बंटाधार", "नेताजी की उम्मीदों पर फिरा पानी", "डिरेगुलेशन की चुनौती"

Thu, 27 Aug 2026 02:22 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Thu, 27 Aug 2026 02:22 PM IST
सार

यूपी के अधिकारी अपनी कारगुजारियों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। ऐसे ही पश्चिम के जिलों के एक अधिकारी चर्चा में आ गए हैं। अब मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, पढ़ाई-लिखाई विभाग के नेता भी चर्चा में हैं। प्रदेश में डिरेगुलेशन करने के लिए छुट्टी के दिन भी दफ्तर खोलकर काम किया जा रहा है। पढ़ें ये किस्से: 

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Suna Hai Kya: "The person served tea met with disaster," "Netaji's hopes dashed," "The challenge of deregulati
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के अधिकारी अपनी कारगुजारियों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। ऐसे ही पश्चिम के जिलों के एक अधिकारी चर्चा में आ गए हैं। अब मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, पढ़ाई-लिखाई विभाग के नेता भी चर्चा में हैं। प्रदेश में डिरेगुलेशन करने के लिए छुट्टी के दिन भी दफ्तर खोलकर काम किया जा रहा है। पढ़ें ये किस्से: 

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जिसको पिलाई चाय, उसका बंटाधार
पश्चिम के एक जिले में तलवार वाले अधिकारी के चाय पर चर्चा के किस्से विभाग में सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही में कप्तानी से हटाए जाने पर उनकी कारगुजारियों को सुनकर बड़े अफसर भी सकते में हैं। दरअसल वह जिसे चाय पर बुलाते थे, उसकी प्यार से मरम्मत भी करा देते थे। इस बार उनका दांव उल्टा पड़ गया और सीधे दाखिल-दफ्तर कर दिए गए। अब आलाकमान को चिंता है कि मामला आगे बढ़ा तो मुसीबत बढ़ेगी। फिलहाल जांच का आदेश देकर खुद को सेफ करने की कवायद तो की गई है। जहां पंगा लिया है, वे छोड़ने वाले तो नजर नहीं आ रहे।
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नेताजी की उम्मीदों पर फिरा पानी
प्रदेश के पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग में नेताओं की पौ बारह रहती है। छोटे-छोटे मुद्दे पर एक नहीं कई-कई नेता वाहवाही बटोरने में जुट जाते हैं। ऐसे ही एक नेताजी की उम्मीदों पर विभाग के बड़े साहब ने पानी फेर रखा है। छोटे-छोटे मुद्दों पर बयानबाजी करने वाले नेताजी की कक्षाओं की गिनती शुरू हो गई। साथ ही उपस्थिति भी दोनों समय जांची जाने लगी। इसके बाद से नेताजी सकते में हैं। अब उनका पूरा फोकस कक्षाओं पर हो गया है।
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डिरेगुलेशन की चुनौती
केंद्र ने कारोबार आसान करने के लिए डिरेगुलाइजेशन के 28 प्रस्ताव भेजे हैं। अब इनके क्रियान्वयन का जबर्दस्त दबाव विभागों पर है। इसी हफ्ते दिल्ली से तेजतर्रार अफसर आ रहे हैं जो कागज-कलम लेकर महीन समीक्षा करेंगे। अंदरखाने चर्चा है कि कागजों में भले डिरेगुलाइजेशन के अधिकांश प्रस्ताव लागू करने के दावे किए जा रहे हों लेकिन दिल्ली की रिपोर्ट में केवल 11 को ही हरी झंडी मिली है। क्लास में किसकी 'क्लास' लगेगी, इस खौफ में छुट्टी के दिन भी दफ्तर खोलकर कामकाज हो रहा है।

आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।

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