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UP News : हिंदी में एमबीबीएस का पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए बनी कमेटी, विशेषज्ञ करेंगे किताबों का मूल्यांकन
Thu, 20 Oct 2022 07:35 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 20 Oct 2022 07:35 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में हिंदी में एमबीबीएस की पढाई शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत यहां तैयारी शुरू हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने पूर्व डीजीएमई सहित तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।
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सीएम आदित्यनाथ योगी
- फोटो : Social Media
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में हिंदी में एमबीबीएस की पढाई शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। शासन की ओर से तीन प्रधानाचार्यों की कमेटी गठित कर दी गई है। ये प्रधानाचार्य हिंदी में लिखी गई किताबों का मूल्यांकन करेंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में हिंदी में एमबीबीएस की पढाई शुरू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत यहां तैयारी शुरू हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने पूर्व डीजीएमई सहित तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को निर्देश दिया है कि मध्य प्रदेश में लागू पाठ्यक्रम की समीक्षा करें। वहां की किताबों का भी मूल्यांकन कर लें। इसी तरह प्रदेश में लिखी गई किताबों का भी मूल्यांकन कर लें।
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प्रमुख सचिव ने बताया कि बृहस्पतिवार को हिंदी में पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि हर पहलू का मूल्यांकन किया जा रहा है। प्रदेश में एमबीबीएस कोर्स हिंदी में लागू करने से पहले एक नया मॉडल तैयार किया जाएगा। यह पूरे देश में अपने आप में अलग तरह का होगा। इसके लिए कई पहलुओं पर नजर रखी जा रही है। किताबों ऐसी तैयार की जाएगी, जिसमें सिर्फ अनुवाद नहीं होगा। इन किताबों में चिकित्सा शिक्षा के शब्दों को आम बोलचाल की भाषा में रखा जाएगा। साथ में उनके अंग्रेजी शब्द भी रखे जाएंगे। ताकि छात्र उसे बेहतर तरीके से समझ सके। इस पूरी कवायद का सिर्फ एक ही मकसद है कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता किसी भी स्तर पर प्रभावित न होने पाए।
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