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UP News: सभी नगर निकायों में होगा सिविल डिफेंस इकाइयों का पुनर्गठन, समीक्षा बैठक में सीएम योगी का निर्देश
Wed, 02 Nov 2022 01:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 02 Nov 2022 01:40 AM IST
सार
UP News: प्रदेश में सभी नगरीय निकायों में सिविल डिफेंस की इकाइयों का पुनर्गठन होगा। इससे प्रदेश में साढ़े सात सौ से अधिक नागरिक सुरक्षा इकाइयां क्रियाशील हो सकेंगी। इसके निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग और कारागार विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रदेश में सभी नगरीय निकायों में सिविल डिफेंस की इकाइयों का पुनर्गठन होगा। इससे प्रदेश में साढ़े सात सौ से अधिक नागरिक सुरक्षा इकाइयां क्रियाशील हो सकेंगी। इसके निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग और कारागार विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए नागरिक सुरक्षा इकाइयां महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। मौजूदा समय में 27 जिलों में नागरिक सुरक्षा की इकाइयां गठित हैं। आने वाले समय में इन्हें सभी 75 जिलों में करने की आवश्यकता है।
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मुख्यमंत्री ने जेल विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश की जेलों में सुधार के लिए ओपन जेल और हाई सिक्योरिटी जेल उपयोगी हो सकते हैं। जेल से सम्बंधित अधिकारी स्थान चिन्हित कर इसके लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जेलों में 14 वर्ष की अवधि से अधिक समय से बंद कैसी हो की सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिया। उन्होंने बीमार नाबालिग और महिला कैदियों का अलग से विवरण उपलब्ध कराने को भी कहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरत को देखते हुए अग्निशमन विभाग को आपदा प्रबंधन एवं आपात सेवा के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार के मॉडल बिल ऑन मेंटेनेंस ऑफ फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, 2019 की तर्ज पर राज्य के मॉडल फ़ायर एन्ड इमरजेंसी बिल तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि बहुमंजिली इमारतों में प्रत्येक दशा में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
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ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की नीति के अनुरूप भवन स्वामी द्वारा हर छह माह के अंतराल पर सेल्फ सर्टिफिकेशनरी व्यवस्था, भवनों के प्रकार के अनुसार फायर सेफ्टी ऑफिसर का प्रावधान और वार्षिक थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था को लागू की जाए। उन्होंने कहा कि फायर फाइटर्स की सुरक्षा व उच्चस्तरीय अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता के लिए एक विशेष निधि-कोष की स्थापना के प्रयास हों।