यूपी : मुकुल गोयल ने संभाली डीजीपी की जिम्मेदारी, बोले पुलिस अफसरों को निकलना होगा फील्ड में
मुकुल गोयल सुबह 9:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद हुआ हनुमान मंदिर डालीगंज पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात की। 12:30 बजे डीजीपी मुख्यालय पहुंचे और पदभार ग्रहण किया।
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मुकुल गोयल ने शुक्रवार को प्रदेश के नए डीजीपी के रुप में जिम्मेदारी संभाल ली। वे दिन में साढ़े 12 बजे डीजीपी का चार्ज लेने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए और अपनी प्राथमिकताएं गिनायीं। उन्होंने कहा कि जिलों के अफसरों को फील्ड में निकलना होगा। अधिकारियों को जनता से सीधे जुडें। पुलिस और जनता के बीच की दूरी को दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाएं कई बार बड़ी घटना बन जाती है। छोटे-छोटे अपराध ही बड़े अपराध को जन्म देते हैं। ऐसे में हर छोटे-छोटे मामलों को देखना होगा। उन्होंने कहा कि आप सबके सहयोग से और जनता के सहयोग से प्रदेश की कानून व्यवस्था को और बेहतर करेंगे। अपराध पर नियंत्रण पर मुख्य फोकस रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश होगी प्रदेश का हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिवेश में विभिन्न तकनीक को हम नकार नहीं सकते। अपराध नियंत्रण हो या पुलिसिंग के अन्य तौर तरीके इसमें तकनीक का प्रयोग कर हम आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बिकरु कांड की घटना को हुए एक साल पूरा होने पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बिकरु की घटना दुखद थी। उस समय मैं यूपी में नहीं था, लेकिन घटना के बारे में सुना था। उन्होंने कहा कि यह घटना कई सालों से बने अपराधी और कुछ पुलिस कर्मियों के गठजोड़ का नतीजा थी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाएं नजरअंदाज की जाएंगी तो यह एक दिन बड़ी घटना बनेंगी।
अवैध धर्मांतरण के मामलों के बारे में उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले का मैं खुद अध्ययन करुंगा और यह सुनिश्चित करुंगा कि किसी निर्दोश को प्रताड़ित न किया जाए और जो दोषी है उसे सजा मिले। एनकाउंट पॉलिसी को लेकर उन्होंने कहा कि हर अधिकारी अपने तरीके से काम करता है उसकी अपनी सोच होती है। उस सोच को अपने अधिकारियों के साथ साझा करते हुए प्रदेश के हित में जो कुछ होगा कानून के हद में रहते हुए उसे करेंगे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जमाने में अफवाह एक चुनौती है, इसे दूर करने के लिए काम करेंगे।
गाजियाबाद में दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बारे में उन्होंने कहा कि जब तक शांति के साथ कोई भी प्रदर्शन होगा पुलिस उसमें दखल नहीं देगी। अगर कानून हाथ में लेने की कोशिश होगी तो फिर पुलिस अपने तरीके से निपटेगी। उन्होंने राजनैतिक मुकदमों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मुकदमे छानबीन कर लिखे जाएंगे और किसी भी हाल में निर्दोंशों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
संप्रदायिक घटनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस अगर अपना मूल काम करती रहे तो सब कुछ नियंत्रण में रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जो त्यौहार हैं उनकी कार्ययोजना बनाकर शांति पूर्ण ढंग से कराया जाएगा। हर त्यौहार के लिए एसओपी तय है। पुलिस पूरा होमवर्क करके काम करेगी। डीजीपी ने साइबर क्राइम पर पूछे गए सवाल के जवाब में अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश के 18 मंडलों में साइबर थाने खोलकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसी तरह महिला अपराध को रोकने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार ने विशेष अभियान चलाया था। ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं की सुनवाई के लिए थाने खोले गए हैं।
डीजीपी ने सिग्नेचर बिल्डिंग की प्रशंसा की
मुकुल गोयल ने सिग्नेचर बिल्डिंग की तारीफ करते हुए कहा कि जब हम एडीजी कानून व्यवस्था थे उस समय इस बिल्डिंग का शिलान्यास किया गया था। यह बिल्डिंग काफी कम समय में कंप्लीट हुई है। मैं इसमें पहली बार आया हूं। अच्छा लग रहा है।
हनुमान मंदिर पहुंच कर किया दर्शन
मुकुल गोयल सुबह 9:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद हुआ हनुमान मंदिर डालीगंज पहुंचे। यहां उन्होंने हनुमान जी के दर्शन किए। इसके बाद मुकुल गोयल यहां से मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। 12:30 बजे डीजीपी मुख्यालय पहुंचे और पदभार ग्रहण किया।