फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Medicines have transformed the lives of AIDS-infected couples, with both affected still having healthy chi

यूपी: दवाओं ने बदली एड्स संक्रमित दंपतियों की जिंदगी, दोनों के प्रभावित होने पर भी बच्चा हो रहा निरोग

Mon, 01 Dec 2025 09:38 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 01 Dec 2025 09:38 AM IST
सार

Causes of AIDS: एचआईवी-एड्स संक्रमित दंपती दवाओं के प्रभाव की वजह से स्वस्थ बच्चे को जन्म दे पा रहे हैं। लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में इसको लेकर प्रयोग हुए हैं। 

विज्ञापन
UP: Medicines have transformed the lives of AIDS-infected couples, with both affected still having healthy chi
एड्स संक्रमित बच्चे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 एचआईवी-एड्स संक्रमित दंपती दवाओं के प्रभाव की वजह से स्वस्थ बच्चे को जन्म दे पा रहे हैं। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के एंटी रेट्रोवाइरल थेरेपी (एआरटी) सेंटर पर एक-दो नहीं बल्कि 80 ऐसे मामले हैं जिनमें एचआईवी-एड्स पीड़ित दंपती ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है।

विज्ञापन


केजीएमयू के संक्रामक रोग प्रभारी डॉ.डी हिमांशु ने बताया कि आम धारणा है कि एचआईवी-एड्स पीड़ित संक्रमित व्यक्ति के बच्चे भी संक्रमित होते हैं, हालांकि ऐसा नहीं है। अगर शुरुआती समय से ही संक्रमित एआरटी सेंटर आकर दवाएं लेना शुरू कर दें तो वे संक्रमित व्यक्ति से न सिर्फ शादी कर सकते हैं बल्कि बच्चे भी पैदा कर सकते हैं। दवाओं के प्रभाव से इनके होने वाले बच्चे 99 फीसदी तक गैर-संक्रमित हो सकते हैं।
विज्ञापन


समझें क्या है एचआई-एड्स
ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम (एड्स) का कारण बनता है। एचआईवी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है। इसकी वजह से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। इलाज न होने पर यह एड्स बन जाता है। एड्स एचआईवी संक्रमण का अंतिम और सबसे गंभीर चरण है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली रोगों से लड़ने में असमर्थ हो जाती है। इसकी वजह से संक्रमित व्यक्ति को टीबी समेत कई अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे होता है संक्रमण

UP: Medicines have transformed the lives of AIDS-infected couples, with both affected still having healthy chi
एड्स - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
एचआईवी संक्रमित व्यक्ति का खून दूसरे को चढ़ाने, असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित सुई का इस्तेमाल दूसरे के लिए करने, गर्भवती से उसके होने वाले बच्चे को यह बीमारी हो सकती है, जिसे दवाओं से ठीक किया जा सकता है।
 
एचवाई का नहीं है इलाज
डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि एचआईवी का इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है, लेकिन आधुनिक दवाओं के प्रभाव से संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक जीवित रहता है। इस समय संक्रमित व्यक्तियों के जीवित रहने की दर 37 फीसदी तक पहुंच चुकी है।

आंकड़े दे रहे हैं ये गवाही 

देश में कुल संक्रमित- 25 लाख
नए संक्रमित- 66,400
मौत- 41,900
दवाएं लेने वाले मरीज- 17 लाख
लखनऊ में दवाएं ले रहे मरीज- 4,658
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed