UP: फर्जी दस्तावेजों से विदेशी नागरिकों के आधार बनवाने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 25 हजार का इनामी था आरोपी
उत्तर प्रदेश एटीएस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेशी नागरिकों के आधार कार्ड बनवाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम था। जांच में फर्जी प्रमाणपत्र, वीपीएन के दुरुपयोग और बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
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बांग्लादेशी, रोहिंग्या, पाकिस्तानी व नेपाली घुसपैठियों के फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड मोहम्मद सद्दाम को यूपी एटीएस ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के रघुनाथगंज से गिरफ्तार कर लिया। एटीएस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ बीते वर्ष अगस्त माह में किया था जिसके बाद कई जिलों में छापे भी मारे गए थे।
ये गिरोह जनसेवा केंद्रों के जरिये वीपीएन का प्रयोग कर सिस्टम को रिमोट पर लेकर आधार कार्ड बनाता था। गिरोह के 17 सदस्यों को एटीएस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं वांछित चल रहे मुर्शिदाबाद निवासी सद्दाम की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि सद्दाम को ट्रांजिट रिमांड पर राजधानी लाया जा रहा है, जिसके बाद उसे अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया जाएगा। इस गिरोह के 17 सदस्यों को पूर्व में यूपी, पश्चिम बंगाल और बिहार से पकड़ा जा चुका है।
यह गिरोह विदेशी घुसपैठियों के फर्जी मूल भारतीय दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट आदि तैयार करके भी आधार कार्ड बनाता था। इनके द्वारा अपने गिरोह के लोगों की लॉगिन आईडी बनवाना तथा उनका अवैध रूप से प्रयोग करके आधार कार्ड बनाने की बात भी आई थी। इसके लिए मुंहमांगी कीमत वसूलते थे। गिरोह के सदस्यों के पास से डीएम से लेकर लेखपाल तक के फर्जी स्टांप आदि बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि यह रैकेट मुर्शिदाबाद का सद्दाम और आजमगढ़ का नसीम चला रहे हैं।
कई जिलों में चल रहा था रैकेट
एटीएस की जांच में सामने आया था कि आजमगढ़, गोरखपुर, सहारनपुर, मऊ, औरैया तथा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, कोलकाता, बिहार के लखीसराय, कटिहार, दिल्ली, एनसीआर आदि क्षेत्रों में कुछ लोग जनसेवा केंद्र का संचालन करते हैं तथा इसकी आड़ में राष्ट्रीयकृत बैंक, पोस्ट ऑफिस व यूआईडी द्वारा अधिकृत संस्थानों से, जो आधार कार्ड बनाने के लिए पंजीकृत हैं, उनके सिस्टम को बाईपास कर अवैध तरीके से विदेशी घुसपैठियों के फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनवाता है। बाद में इन आधार कार्ड के जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जाता है।
तमाम घुसपैठिए पासपोर्ट तक बनवा लेते हैं। एटीएस ने इसके बाद गाजियाबाद निवासी सलमान अंसारी, राजकुमार गुप्ता, मऊ निवासी हिमांशु राय, मृत्युंजय गुप्ता, गोरखपुर निवासी राजीव तिवारी, आजमगढ़ निवासी मोहम्मद नसीम, मोहम्मद साकिब, विशाल कुमार, औरैया निवासी गौरव कुमार, सहारनपुर निवासी मारुफ, अक्षय सैनी, तालिब अंसारी, संतकबीरनगर निवासी विनोद कुमार विश्वकर्मा आदि को गिरफ्तार किया था।