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UP: प्रबंधन की मनमानी और एडेड शिक्षकों के उत्पीड़न पर लगेगी रोक, सभी डीआईओएस को भेजा निर्देश

Mon, 02 Mar 2026 10:14 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Mon, 02 Mar 2026 10:14 PM IST
सार

शासन की ओर से जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि कोई भी प्रबंध तंत्र बिना डीआईओएस के पूर्व अनुमति के किसी भी शिक्षक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता है।

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UP: Management's arbitrariness and harassment of aided teachers will be stopped, instructions sent to all DIOS
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधक अब शिक्षकों का उत्पीड़न नहीं कर सकेंगे। इसके लिए शासन ने नए शिक्षा सेवा चयन आयोग में शामिल धारा-3 का उल्लेख करते हुए सभी डीआईओएस को इसके तहत आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।

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प्रदेश में समय-समय पर जिलों से शिक्षकों की सेवा समाप्ति आदि की शिकायतें माध्यमिक शिक्षा निदेशक व शासन को मिलती रही हैं। माध्यमिक शिक्षक संघों के अनुसार अलग-अलग प्रबंधनों ने तीन सौ से अधिक शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाने का दावा किया है। पिछले दिनों विधान मंडल में भी सदस्यों ने इससे जुड़ा मामला उठाया था। साथ ही सदस्यों ने इस पर रोक लगाने की भी मांग की थी।
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इसका संज्ञान लेते हुए शासन ने कहा है कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के लिए इंटरमीडिएट एक्स 1921 की धारा 16 (छ) की उपधारा 3 (क) के तहत कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश हैं। इसके तहत कोई भी प्रबंध तंत्र बिना डीआईओएस के पूर्व अनुमति के किसी भी शिक्षक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता है।

न ही किसी शिक्षक को हटा सकता है, न उनकी सेवा समाप्त कर सकता है। अब प्रबंधन पर भी सख्ती होगी। अगर शासन को शिकायत मिली तो डीआईओएस की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इस नियम का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।

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