UP: रोहित शेट्टी के घर फायरिंग करने वाला मुख्य शूटर गिरफ्तार, इस खास पिस्टल से हुआ था हमला; जानिए यूपी कनेक्शन
Attack on Rohit Shettys house: फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले मुख्य शूटर और उसके छह साथियों को यूपी एसटीएफ के द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।
विस्तार
फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले मुख्य शूटर और उसके छह साथियों को यूपी एसटीएफ व मुंबई पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया है। आरोपी शुभम लोनकर(लॉरेंस गिरोह से जुड़ा) गिरोह से जुड़े हैं। रंगदारी वसूलने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों की गिरफ्तारी, हरियाणा और यूपी के शहरों से की गई है।
31 जनवरी की रात मुंबई जुहू स्थित रोहित शेट्टी के आवास पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस विश्नोई गैग से जुड़े शुभम लोनकर व आरजू विश्नोई ने ली थी। उन्होंने इससे संबंधित सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। मुबई पुलिस ने मामले में यूपी एसटीएफ से सहयोग मांगा था। एसटीएफ की आगरा यूनिट मुंबई पुलिस के साथ काम कर रही थी। 15 फरवरी को टीम ने आगरा निवासी मुख्य शूटर दीपक व उसके साथी सनी, सोनू, ऋतिक को हरियाणा के झज्जर व विष्णु कुशवाहा को आगरा व नोएडा के जतिर भारद्वाज व इटावा के विशाल को साहिबाबाद गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात कबूल की। मुंबई पुलिस ने सोमवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया और ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हो गई।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क...आदेश पर फायरिंग
पूछताछ में दीपक ने बताया कि विष्णु कुशवाहा का संपर्क राजस्थान गंगानगर के गोलू पंडित से है। जो वहां इस तरह से फायरिंग कर पांच करोड़ की रंगदारी शुभम लोनकर के लिए वसूल चुका है। दीपक के मुताबिक गिरोह लगातार सोशल मीडिया पर आपराधिक घटनाओं से संबंधित पोस्ट करता है। जिससे वह प्रभावित होकर गिरोह से जुड़कर रंगदारी वसूलने की साजिश रची। तब उसने विष्णु से संपर्क किया। उसने सोशल मीडिया के जरिये लोनकर गिरोह से संपर्क करवाया। वहां से जो निर्देश मिले उसी हिसाब से घटना को अंजाम दिया।
सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल से बरसाईं थीं गोलियां
शूटर दीपक अपने साथियों संग जाकर पहले रोहित शेट्टी के घर की रैकी की। फिर लोनकर गिरोह ने उसको सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल मुहैया कराई थी। उसी पिस्टल से उसने ताबड़तोड़ गालियां चलाई थीं। वारदात को अंजाम देने के बाद शहर दर शहर आरोपी घूम रहे थे। इसमें जतिन व विशाल उनको सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध करवा रहे थे। लेकिन एसटीएफ के जाल में सभी फंस गए।