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Lucknow News: यूपी महोत्सव में कथक, भरतनाटयम संग कव्वाली ने बांधा समां
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लखनऊ। यूपी महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या के मंच पर बृहस्पतिवार को कथक, भरतनाट्यम के साथ कव्वाली ने रंग जमाया। वहीं कठपुतली नृत्य नाटिका के जरिए दहेज जैसी कुप्रथा पर करारा प्रहार किया गया।
प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट की ओर से अलीगंज पोस्टल ग्राउंड में आयोजित यूपी महोत्सव में तेरहवीं सांस्कृतिक संध्या का आगाज परी, वानी और स्वरा ने श्रीराम चन्द्र कृपाल भजमन... पर कथक नृत्य शैली में भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर किया। वृंदा शर्मा ने दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। सोमा ने सोचेंगे तुम्हें प्यार करें कि नहीं... गीत प्रस्तुत किया तो सिद्घार्थ ने सुन गणपति बप्पा गीत पर नृत्य पेश कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। इस दौरान वारसी ब्रदर्स आफाक वारसी, जहीर अब्बास वारसी, जमील वारसी, आरिफ वारसी, कंवल जीत सिंह और राजू रंगीला ने छाप तिलक सब छीनी कि मोसे नैना मिलाय के, दमा दम मस्त कलंदर, आग दामन में लग जाएगी, ये हल्का हल्का सुरूर है... के जरिये देर रात तक समां बांधे रखा।
मंच से बही काव्य रस की धारा
यूपी महोत्सव के मंच पर बृहस्पतिवार को अमृतायन संस्था की ओर से डॉ. राजेश सिंह श्रेयस की अध्यक्षता और मनीष मगन के संचालन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष डॉ. अशोक अज्ञानी, शुभेंद्र सिंह, मित्र विपुल, मुकेशानंद, पुष्पेंद्र प्रेमी, नंद किशोर वर्मा, ऋषिकेश यादव, रजनी राज, कृष्णगोपाल, शानू बाजपेई अपूर्व और दीपक यादव आदि ने काव्यपाठ किया। आंदोलनकारी काव्य मंच की ओर से भी काव्य गोष्ठी में अनिल शुक्ला, राम प्रकाश शुक्ला, सुनीता चतुर्वेदी, सुरेन्द्र मोहन और संजय मिश्रा ने कविताओं के जरिए वाहवाही लूटी।
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प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट की ओर से अलीगंज पोस्टल ग्राउंड में आयोजित यूपी महोत्सव में तेरहवीं सांस्कृतिक संध्या का आगाज परी, वानी और स्वरा ने श्रीराम चन्द्र कृपाल भजमन... पर कथक नृत्य शैली में भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत कर किया। वृंदा शर्मा ने दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी। सोमा ने सोचेंगे तुम्हें प्यार करें कि नहीं... गीत प्रस्तुत किया तो सिद्घार्थ ने सुन गणपति बप्पा गीत पर नृत्य पेश कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। इस दौरान वारसी ब्रदर्स आफाक वारसी, जहीर अब्बास वारसी, जमील वारसी, आरिफ वारसी, कंवल जीत सिंह और राजू रंगीला ने छाप तिलक सब छीनी कि मोसे नैना मिलाय के, दमा दम मस्त कलंदर, आग दामन में लग जाएगी, ये हल्का हल्का सुरूर है... के जरिये देर रात तक समां बांधे रखा।
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मंच से बही काव्य रस की धारा
यूपी महोत्सव के मंच पर बृहस्पतिवार को अमृतायन संस्था की ओर से डॉ. राजेश सिंह श्रेयस की अध्यक्षता और मनीष मगन के संचालन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष डॉ. अशोक अज्ञानी, शुभेंद्र सिंह, मित्र विपुल, मुकेशानंद, पुष्पेंद्र प्रेमी, नंद किशोर वर्मा, ऋषिकेश यादव, रजनी राज, कृष्णगोपाल, शानू बाजपेई अपूर्व और दीपक यादव आदि ने काव्यपाठ किया। आंदोलनकारी काव्य मंच की ओर से भी काव्य गोष्ठी में अनिल शुक्ला, राम प्रकाश शुक्ला, सुनीता चतुर्वेदी, सुरेन्द्र मोहन और संजय मिश्रा ने कविताओं के जरिए वाहवाही लूटी।
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