यूपी: प्रदेश में लखनऊ बनी रहने की सबसे पसंदीदा जगह, पंजीयन के मामले में बना नंबर वन
पहले के वर्षों में लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएं गौतमबुद्धनगर में आती थीं, लेकिन अब सबसे ज्यादा परियोजनाएं लखनऊ में आ रही हैं। इसके साथ ही लखनऊ यूपी में लोगों के रहने की सबसे पसंदीदा जगह बन गई है।
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उत्तर प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर एक बार फिर से तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में प्रोमोटर्स द्वारा अपनी 259 रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण यूपी रेरा में कराना इसका प्रमाण है। इन परियोजनाओं के तहत तीन लाख नए घर बनाए जाएंगे। यह संख्या पिछले वर्षों में पंजीकृत परियोजनाओं की संख्या से अधिक है। खास बात यह है कि पहले के वर्षों में लगभग 50 प्रतिशत परियोजनाएं गौतमबुद्धनगर में आती थीं, लेकिन अब सबसे ज्यादा परियोजनाएं लखनऊ में आ रही हैं।
अगर घरों की संख्या के हिसाब से देखें तो गौतमबुद्धनगर की 51 परियोजनाओं में करीब 1.10 लाख घर बनेंगे, जबकि लखनऊ की 61 परियोजनाओं में लगभग 54 हजार घर बनेंगे। परियोजनाओं की लागत के हिसाब से देखें तो लखनऊ की परियोजनाओं की लागत 6140 करोड़ और गौतमबुद्धनगर की परियोजनाओं की लागत 21 हजार करोड़ रुपये है। लखनऊ में इन परियोजनाओं का क्षेत्रफल करीब दस लाख वर्ग मीटर तथा गौतमबुद्धनगर की परियोजनाओं का क्षेत्रफल 13.5 लाख वर्ग मीटर है। आंकड़ों से साफ है कि गौतमबुद्धनगर में भवनों की ऊंचाई अधिक है और मध्य तथा उच्च वर्ग के उपभोक्ताओं की मांग को ध्यान में रखकर इन्हें बनाया जा रहा है। लखनऊ और गौतमबुद्धनगर के बाद गाजियाबाद के लिए परियोजनाएं पंजीकृत हुई हैं।
भौगोलिक क्षेत्रवार प्रदेश में पंजीकृत परियोजनाएं
| भौगोलिक क्षेत्र | परियोजनाएं | क्षेत्रफल (वर्ग मी.) | घर/फ्लैट |
| एनसीआर | 88 | 1884684 | 160490 |
| पश्चिम क्षेत्र | 63 | 1916877 | 26326 |
| मध्य क्षेत्र | 91 | 1625986 | 71579 |
| पूर्वी क्षेत्र | 16 | 1892503 | 12215 |
अवस्थापना सुविधाओं के विकास से मिली गति
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने बताया कि सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और प्रदेश के सभी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण और सुधार के फलस्वरूप सभी क्षेत्रों में रियल एस्टेट सेक्टर के विकास को गति मिल रही है। नोएडा व गाजियाबाद के अलावा दूसरे शहरों में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं में विकास से मझोले व छोटे शहरों में भी अब लोग घर खरीदना चाहते हैं। नोएडा-गाजियाबाद में निवेश की प्रवृत्ति के चलते अधिक दाम वाले घरों की मांग अधिक है। प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में मिडिल क्लास तथा लोवर मिडिल क्लास के लिए घरों की मांग अपेक्षाकृत अधिक है। यह प्रदेश की प्रगति के लिए अच्छा संकेत है।