UP Lok Sabha Elections : पहले दौर की अधिकांश सीटों पर एनडीए बनाम इंडिया, 'सेंधमारी' से दिलचस्प हुआ मुकाबला
पहले चरण की अधिकतर सीटों पर एनडीए और इंडिया के प्रत्याशी मुख्य लड़ाई में रहे। एक-दूसरे के आधार वोट में सेंधमारी से मुकाबला रोचक हो गया। नगीना में आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर ने सपा-बसपा के आधार वोटबैंक में जमकर सेंध लगाई। बसपा कई सीटों पर जीत-हार के समीकरणों पर असर डालते दिखी। अधिकतर सीटों पर मुस्लिम मतदाता विपक्षी गठबंधन के पक्ष में एकजुट दिखे, वहीं भाजपा ने दलित मतदाताओं में अच्छी सेंधमारी की।
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विस्तार
पहले चरण में सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ। रामपुर में भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी और सपा प्रत्याशी मौलाना मोहिब्बुल्लाह नदवी के बीच सीधा मुकाबला होता दिखा। पिछले चुनाव की तरह ही यहां वोटों का ध्रुवीकरण अहम फैक्टर रहा।
मुरादाबाद लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी सर्वेश सिंह और सपा उम्मीदवार रुचि वीरा के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। यहां बसपा का प्रदर्शन चुनावी नतीजों पर असर डाल सकता है। नगर पंचायत इलाकों में सपा और ग्रामीण इलाकों में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया। मुरादाबाद शहर में सपा और भाजपा प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर दिखी।
सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और कैराना में कांटे की लड़ाई
- सहारनपुर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी राघव लखनपाल और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद के बीच सीधा मुकाबला दिखा। हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण से चुनाव परिणाम पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। वहीं, कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा के प्रदीप चौधरी और सपा की इकरा हसन के बीच मुकाबला रहा। बसपा प्रत्याशी श्रीपाल राणा का प्रदर्शन चुनावी नतीजे पर असर डाल सकता है। इस सीट पर क्षत्रिय समाज की नाराजगी का असर भी दिखाई दिया।
- कैराना लोकसभा की गंगोह और नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा-सपा में कांटे की लड़ाई रही।
- मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी डॉ. संजीव बालियान और सपा प्रत्याशी हरेंद्र मलिक के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। यहां भी बसपा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति का प्रदर्शन जीत-हार के समीकरणों को प्रभावित करेगी। चरथावल और सरधना विधानसभा क्षेत्र में क्षत्रिय मतदाताओं की नाराजगी
- भी समीकरणों को प्रभावित करती दिखी।
बिजनौर में सेंधमारी से मुकाबला रोचक
बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में एक-दूसरे के काडर वोट में हुई सेंधमारी से मुकाबला रोचक हो गया। जहां बसपा ने मुस्लिमों में सेंध लगाकर सपा को झटका दिया, वहीं भाजपा-रालोद गठबंधन के वोटबैंक माने जाने वाले सैनियों में सपा ने सेंध मारी। दलितों में रालोद की भी आंशिक सेंध दिखी। इस सीट पर मुख्य मुकाबला रालोद और सपा के बीच ही रहा।
पीलीभीत में जितिन और भगवत में मुकाबला
पीलीभीत लोकसभा सीट पर भाजपा के जितिन प्रसाद और सपा के भगवत सरन गंगवार के बीच सीधा मुकाबला रहा। बसपा के प्रत्याशी अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू का प्रदर्शन जीत-हार के आंकड़े पर जरूर असर डालेगा। यहां सपा को कुर्मी मतदाताओं का समर्थन दिखा, तो मुस्लिम मतदाताओं में फूल बाबू ने भी सेंध लगाई।
नगीना में भाजपा-आसपा के बीच सीधी टक्कर
नगीना में करीब 45 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले मुस्लिम समाज में बिखराव नजर आया। कहीं सपा के पक्ष में मुस्लिम नजर आए, तो कहीं आजाद समाज पार्टी ने जमकर इस वोटबैंक में सेंध लगाई। आसपा के प्रत्याशी चंद्रशेखर ने दलित मतदाताओं में भी सेंध लगाई। भाजपा के काडर वोट त्यागी, जाट, राजपूत और कुछ पिछड़े वर्ग के मतदाता भी छिटकते हुए दिखे। त्यागी, जाट और राजपूतों में नाराजगी का आंशिक असर दिखाई दिया। इस सीट पर भाजपा के ओमकुमार और आसपा के चंद्रशेखर के बीच मुकाबला होता नजर आ रहा है।
चौबीसी में क्षत्रिय समाज दोफाड़, भाजपा के गढ़ में बिखरे वोट
क्षत्रिय समाज में नाराजगी का असर पहले चरण की वोटिंग में साफ नजर आया। सरधना विधानसभा क्षेत्र के चौबीसी का क्षत्रिय समाज पूरी तरह से दोफाड़ दिखा। जिन गांवों में भाजपा को एकतरफा वोट पड़ते थे, वहां बिखराव देखने को मिला। क्षत्रिय समाज के काफी वोटरों ने साइकिल का हैंडल थाम लिया। युवा जहां विरोध में उत्तेजित दिखे, वहीं बुजुर्गों और महिलाओं ने जरूर कुछ डैमेज कंट्रोल किया।
मेरठ की सरधना विधानसभा सीट मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। गाजियाबाद में जनरल वीके सिंह का टिकट काटकर वैश्य समाज को दिए जाने से क्षत्रिय समाज में विरोध के स्वर यहां जगह-जगह सुनाई दे रहे थे। नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षत्रिय बहुल इलाकों में जनसभा भी की। तमाम जगहों पर पंचायतें हुईं। शुक्रवार को लोकसभा के प्रथम चरण के चुनाव में क्षत्रिय समाज की नाराजगी कई जगह दूसरी पार्टी के वोट बैंक में बदलती नजर आई।
एकजुट नजर आए दलित
विधानसभा चुनाव में दलित समाज का रुख अलग था, तो लोकसभा में स्थिति एकदम उलट रही। अधिकतर गांवों में दलित समाज एकजुट नजर आया। उन्होंने साफ कहा कि चुनाव में किसी मुद्दे पर वोट नहीं कर रहे हैं। बल्कि अपनी पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। इन इलाकों में हाथी खूब चिंघाड़ा। प्रजापति समाज ने भी अधिकतर जगहों पर हाथी की सवारी की।
त्यागी समाज के वोटों में भी दिखा बिखराव
सरधना विधानसभा क्षेत्र में त्यागी समाज के वोटों में भी बिखराव दिखा। महादेव हो या फिर नंगला आर्डर-बेगमाबाद। लोगों का कहना था कि अपने समाज की ताकत भी तो दिखानी है। सरधना कस्बे में भी यही स्थिति नजर आई। त्यागी समाज दोफाड़ दिखा।
जाट-ब्राह्मण-गुर्जर, अति पिछड़े दिखे एक साथ
सरधना विधानसभा क्षेत्र में कई समाज के लोग एक ही जगह नजर आए। जाट-ब्राह्मण, गुर्जर और अति पिछड़ों में थोड़ा बहुत ही बिखराव दिखा। अधिकतर जगहों पर एकमुश्त वोट पड़े।
सारे प्रत्याशी मिलने आए थे, हमने किसी को वोट नहीं दिया : टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने मतदान नहीं किया। उनका कहना है कि हर पार्टी का प्रत्याशी समर्थन मांगने किसान भवन आता है, इसी वजह से उन्होंने मतदान नहीं किया। हालांकि उन्होंने किसानों के सम्मान में नई सरकार से अनेक उम्मीदें जताईं। वहीं, संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर के सर्कुलर रोड स्थित चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में मतदान किया।