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UP: यूपी की सियासत में फीका पड़ा बॉलीवुड का ग्लैमर, हेमा-जया को छोड़ बाकी सभी स्टार प्रचारकों की सूची से गायब
Sat, 30 Mar 2024 01:50 PM IST
शाहरुख खान
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Mar 2024 01:50 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश की सियासत में बॉलीवुड का ग्लैमर फीका पड़ा है। हेमा मालिनी और जया बच्चन को छोड़ बाकी फिल्मी कलाकार स्टार प्रचारकों की सूची से गायब हैं।
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UP Lok Sabha Election 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजनीति और ग्लैमर वर्ल्ड का पुराना साथ रहा है। चुनाव में फिल्मी हस्तियों के सहारे भीड़ जुटाने का टोटका भी पुराना और आजमाया हुआ है, लेकिन इस बार यूपी के चुनाव में बॉलीवुड की दाल गलती नहीं दिख रही। कम से कम पहले चरण के चुनाव में तो यही दिख रहा है। राजनीतिक दलों ने फिल्मी चेहरों से ज्यादा सियासी रसूख वाली शख्सियतों को तवज्जो दी है।
चुनाव में सुपर स्टार से लेकर टीवी के लोकप्रिय सितारों के प्रचार से खूब भीड़ जुटती है। युवाओं में उन्हें लेकर खासा क्रेज होता है। कई प्रत्याशी तो बॉलीवुड के सितारों की मौजूदगी से ही जीत का रास्ता खोजते हैं।
पर, इस बार पहले चरण के चुनाव प्रचार के लिए प्रमुख दलों के स्टार प्रचारकों की सूची देखें तो केवल हेमामालिनी और जया बच्चन के ही नाम दिखाई देंगे, जिनका संंबंध फिल्मी दुनिया से है।
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इन दोनों को भी उनके ग्लैमर के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक सक्रियता की वजह से स्टार प्रचारक बनाया गया है। हेमामालिनी और जया बच्चन दोनों को ही राजनीति में कदम रखे 25 वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं।
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चुनाव में सुपर स्टार से लेकर टीवी के लोकप्रिय सितारों के प्रचार से खूब भीड़ जुटती है। युवाओं में उन्हें लेकर खासा क्रेज होता है। कई प्रत्याशी तो बॉलीवुड के सितारों की मौजूदगी से ही जीत का रास्ता खोजते हैं।
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पर, इस बार पहले चरण के चुनाव प्रचार के लिए प्रमुख दलों के स्टार प्रचारकों की सूची देखें तो केवल हेमामालिनी और जया बच्चन के ही नाम दिखाई देंगे, जिनका संंबंध फिल्मी दुनिया से है।
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इन दोनों को भी उनके ग्लैमर के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक सक्रियता की वजह से स्टार प्रचारक बनाया गया है। हेमामालिनी और जया बच्चन दोनों को ही राजनीति में कदम रखे 25 वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं।
भाजपा ने पहले चरण के चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए मनोज तिवारी, दिनेश यादव निरहुआ और रविकिशन जैसे भोजपुरी स्टार का सहारा नहीं लिया। हाल ही भाजपा ने अभिनेत्री कंगना रनौत और बाॅलीवुड के ‘राम’ अरुण गोविल को टिकट दिया है, इन्हें भी फिलहाल स्टार प्रचारकों की लिस्ट से बाहर रखा गया है। वहीं, सपा की पहली सूची में यादव परिवार ही ‘सुपर स्टार’ है। उनके परिवार के चार सदस्यों-अखिलेश यादव, डिम्पल यादव, शिवपाल यादव और प्रो. रामगोपाल यादव के नाम शामिल हैं। इनके अलावा राज्यसभा सांसद जया बच्चन भी हैं।
पुराना है सियासत का फिल्मी दुनिया से नाता
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे दिवंगत नेता अमर सिंह का बॉलीवुड के गलियारों में अच्छा-खासा दखल था। जयाप्रदा को सांसद बनवाया। तब उन्होंने अमिताभ बच्चन और संजय दत्त से सपा के पक्ष में प्रचार करवाया था।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे दिवंगत नेता अमर सिंह का बॉलीवुड के गलियारों में अच्छा-खासा दखल था। जयाप्रदा को सांसद बनवाया। तब उन्होंने अमिताभ बच्चन और संजय दत्त से सपा के पक्ष में प्रचार करवाया था।
- यूपी की सियासत में राजबब्बर वर्ष 1994 में राज्यसभा और उसके बाद 2004 में फिरोजाबाद से सपा के सांसद रहे। भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन भी गोरखपुर से भाजपा के सांसद हैं। रामपुर से कई बार चुनाव लड़ चुकीं जयाप्रदा इस बार चुनावी परिदृश्य से गायब हैं। पिछले चुनावों में फिल्म अभिनेत्री नगमा, चंकी पांडेय, गोविंदा, अमीषा पटेल, शमिता शेट्टी, विवेक ओबेरॉय, शिल्पा शेट्टी और सोनाक्षी सिन्हा जैसे तमाम सितारों ने यूपी के चुनावी माहौल में अपनी चमक लंबे समय तक बिखेरी, लेकिन इस बार परिदृश्य से बाहर हैं।
लखनऊ की सियासत में नहीं जमे फिल्मी कलाकारों के पांव
नवाबों की नगरी के जरिये तमाम फिल्मी सितारों ने राजनीति की दुनिया में कदम रखने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। सबसे पहले 1996 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने राजबब्बर को चुनाव में उतारा था, पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के आगे वे टिक नहीं सके। वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में सपा ने फिल्मकार मुजफ्फर अली को मैदान में उतारा, लेकिन उन्हें भी अटल बिहारी वाजपेयी के सामने हार का स्वाद चखना पड़ा।
नवाबों की नगरी के जरिये तमाम फिल्मी सितारों ने राजनीति की दुनिया में कदम रखने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। सबसे पहले 1996 के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने राजबब्बर को चुनाव में उतारा था, पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के आगे वे टिक नहीं सके। वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में सपा ने फिल्मकार मुजफ्फर अली को मैदान में उतारा, लेकिन उन्हें भी अटल बिहारी वाजपेयी के सामने हार का स्वाद चखना पड़ा।
2009 में सपा ने भाजपा नेता लालजी टंडन के खिलाफ अभिनेत्री नफीसा अली को उतारा, लेकिन वह चौथे नंबर पर रहीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने सुपर स्टार शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन लखनऊ की जनता ने उन्हें भी नकार दिया।