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यूपी : केंद्र की तरह प्रदेश के कार्मिकों-पेंशनरों को डीए-डीआर भुगतान पर मंथन शुरू
Thu, 22 Jul 2021 08:19 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 22 Jul 2021 08:19 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए जनवरी-2020, जुलाई- 2020 तथा जनवरी-2021 में मंहगाई भत्ते व महंगाई राहत की किश्त में वृद्धि पर रोक लगा दी थी।
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विस्तार
प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों व पेंशनरों को बढ़ा महंगाई भत्ता (डीए) व महंगाई राहत (डीआर) देने पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। प्रदेश के करीब 28 लाख कर्मचारी व पेंशनर बढ़े डीए व डीआर के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी का हवाला देते हुए जनवरी-2020, जुलाई- 2020 तथा जनवरी-2021 में मंहगाई भत्ते व महंगाई राहत की किश्त में वृद्धि पर रोक लगा दी थी।
उस समय कार्मिकों को 17 प्रतिशत डीए व डीआर का भुगतान हो रहा था। राज्य सरकार ने 24 अप्रैल को एक आदेश जारी कर इस फैसले को प्रदेश में भी लागू करने का एलान किया था। तब से प्रदेश के कार्मिक व पेंशनर 17 प्रतिशत के हिसाब से डीए व डीआर पा रहे हैं। केंद्र सरकार ने पिछले दिनों डीए व डीआर पर लगी रोक हटाते हुए जनवरी व जुलाई-2020 तथा जनवरी-2021 के तक डीए व डीआर में 11 प्रतिशत संचयी वृद्धि मानते हुए एक जुलाई से 28 प्रतिशत भुगतान का फैसला किया था।
जानकार बताते हैं कि शासन के वित्त विभाग ने केंद्र से इस संबंध में आदेश जारी होने के बाद राज्य में भी बढ़े डीए-डीआर भुगतान पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। प्राथमिक आकलन के हिसाब से जुलाई से 28 फीसदी डीए-डीआर भुगतान से करीब 6,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। वित्त विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर अंतिम निर्णय होगा।
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जुलाई से 11 प्रतिशत बढ़े डीए का भुगतान सुनिश्चित कराए सरकार : यादवेंद्र
सचिवालय संघ ने केंद्रीय कर्मचारियों की तरह प्रदेश के कर्मचारियों को 11 प्रतिशत बढ़े महंगाई भत्ते का भुगतान जुलाई के वेतन के साथ सुनिश्चित कराने की मांग की है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेन्द्र मिश्र, सचिव ओंकार नाथ तिवारी, उपाध्यक्ष मुदस्सिर हुसैन एवं कोषाध्यक्ष गोपी कृष्ण श्रीवास्तव का कहना है केंद्रीय कर्मचारियों को एक जुलाई से 11 प्रतिशत बढ़ा मंहगाई भत्ता भुगतान करने का आदेश जारी हो चुका है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अभी तक इसका आदेश जारी नहीं किया है। यदि 25 जुलाई तक आदेश जारी नहीं हुआ तो जुलाई माह के वेतन के साथ इसका भुगतान किया जाना संभव नहीं होगा। संघ के नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मंहगाई भत्ते व मंहगाई राहत का आदेश तत्काल जारी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें ताकि समय से जुलाई के वेतन के साथ इसका भुगतान संभव हो सके।
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उस समय कार्मिकों को 17 प्रतिशत डीए व डीआर का भुगतान हो रहा था। राज्य सरकार ने 24 अप्रैल को एक आदेश जारी कर इस फैसले को प्रदेश में भी लागू करने का एलान किया था। तब से प्रदेश के कार्मिक व पेंशनर 17 प्रतिशत के हिसाब से डीए व डीआर पा रहे हैं। केंद्र सरकार ने पिछले दिनों डीए व डीआर पर लगी रोक हटाते हुए जनवरी व जुलाई-2020 तथा जनवरी-2021 के तक डीए व डीआर में 11 प्रतिशत संचयी वृद्धि मानते हुए एक जुलाई से 28 प्रतिशत भुगतान का फैसला किया था।
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जानकार बताते हैं कि शासन के वित्त विभाग ने केंद्र से इस संबंध में आदेश जारी होने के बाद राज्य में भी बढ़े डीए-डीआर भुगतान पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। प्राथमिक आकलन के हिसाब से जुलाई से 28 फीसदी डीए-डीआर भुगतान से करीब 6,400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। वित्त विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर पर अंतिम निर्णय होगा।
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जुलाई से 11 प्रतिशत बढ़े डीए का भुगतान सुनिश्चित कराए सरकार : यादवेंद्र
सचिवालय संघ ने केंद्रीय कर्मचारियों की तरह प्रदेश के कर्मचारियों को 11 प्रतिशत बढ़े महंगाई भत्ते का भुगतान जुलाई के वेतन के साथ सुनिश्चित कराने की मांग की है। सचिवालय संघ के अध्यक्ष यादवेन्द्र मिश्र, सचिव ओंकार नाथ तिवारी, उपाध्यक्ष मुदस्सिर हुसैन एवं कोषाध्यक्ष गोपी कृष्ण श्रीवास्तव का कहना है केंद्रीय कर्मचारियों को एक जुलाई से 11 प्रतिशत बढ़ा मंहगाई भत्ता भुगतान करने का आदेश जारी हो चुका है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अभी तक इसका आदेश जारी नहीं किया है। यदि 25 जुलाई तक आदेश जारी नहीं हुआ तो जुलाई माह के वेतन के साथ इसका भुगतान किया जाना संभव नहीं होगा। संघ के नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मंहगाई भत्ते व मंहगाई राहत का आदेश तत्काल जारी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें ताकि समय से जुलाई के वेतन के साथ इसका भुगतान संभव हो सके।