यूपी: एलडीए विकसित करेगा सुशांत गोल्फ सिटी, नए मानचित्रों पर लगेगा टाउनशिप कंप्लीशन शुल्क; जानिए पूरा प्लान
लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी को नैमिष और वरुण विहार की तर्ज पर मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत विकसित किया जाएगा। एलडीए अधूरी सड़क, सीवर, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं पूरी करेगा। जरूरी जमीन का अधिग्रहण होगा। बड़े भूखंडों की अनियमित बिक्री के मामलों में निरस्तीकरण के बजाय लैंडपूलिंग का विकल्प प्रस्तावित है।
विस्तार
नैमिष और वरुण विहार आवासीय योजना की तरह ही एलडीए शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई कंपनी की सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप को भी मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत विकसित करेगा। इसी के तहत शासन एलडीए को योजना विकसित करने के लिए बजट देगा।
सुशांत गोल्फ सिटी हाईटेक टाउनशिप को विकसित करने के लिए एलडीए की ओर से जो कार्ययोजना तैयार की गई है उसमें इसका प्रावधान किया गया है। इसके अलावा टाउनशिप के पूर्ण विकसित, आंशिक रूप से विकसित और अविकसित क्षेत्रों को अलग-अलग चिन्हित करते हुए अधूरी सड़कों, सीवर, पानी, बिजली आदि की सुविधाओं को पूरा कराया जाएगा। जो योजना बनी है उसके अनुसार
टाउनशिप के अंदर कुछ प्रमुख मार्गों का निर्माण आवश्यक भूमि उपलब्ध न होने के कारण पूरा नहीं हो पाया है। इनमें मेदांता अस्पताल तथा बेस्ट प्राइस के आसपास के क्षेत्रों में भी प्रमुख सड़कों के निर्माण का कार्य जमीन न मिलने से प्रभावित है। इन प्रमुख सड़कों का निर्माण पूरा करने के लिए जमीन भी अधिग्रहित करेगा।
इसी प्रकार एसटीपी, सीवर लाइन, विद्युत सब-स्टेशन तथा रेलवे ओवरब्रिज सहित कई महत्वपूर्ण अवस्थापना कार्य अभी पूर्ण किए जाने हैं। इनके लिए भी आवश्यकता होने पर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। टाउनशिप के बाकी अवस्थापना विकास कार्यों पर करीब 2,216.91 करोड़ खर्च का अनुमान है।
नए मानचित्रों पर लगेगा टाउनशिप कंप्लीशन शुल्क
टाउनशिप को पूरा करने के लिए नए मानचित्रों की स्वीकृति मंजूरी, शमन मानिचत्र अथवा कंप्लीशन के समय टाउनशिप कंप्लीशन शुल्क लगाए जाने का भी प्रस्ताव है। प्रारंभिक आकलन के आधार पर यह शुल्क लगभग करीब 1150 प्रति वर्ग मीटर रखा जाना प्रस्तावित है। वास्तविक व्यय के आधार पर कुल आच्छादित क्षेत्रफल के अनुसार शुल्क का निर्धारण किया जाएगा, जिसके लिए प्राधिकरण बोर्ड को अधिकृत किए जाने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार टाउनशिप कंप्लीशन शुल्क का उद्देश्य केवल परियोजना को पूर्ण कराना होगा। इसे प्राधिकरण की नियमित आय का स्रोत नहीं बनाया जाएगा। शुल्क से प्राप्त धनराशि को डेडीकेटेड एस्क्रो अकाउंट में रखते हुए केवल इसी योजना के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। ईडब्ल्यूएस एवं एलआईजी भवनों-भूखंडों पर, निर्धारित शर्तों के अनुसार, यह शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
बड़े भूखंडों के लिए लाई जाएगी लैंडपूलिंग
एलडीए वीसी प्रथमेश ने बताया कि टाउनशिप में करीब 800 बडे़ भूखंडों के कंपनी की कंसोर्सियम की ओर से नियमों के विपरीत बेचे जाने के मामले रजिस्ट्री निरस्तीकरण से पहले लैंडपूलिंग का भी विकल्प रखा जाएगा। इसको लेकर एक प्रस्ताव बनाया जा रहा है।
जिसमें आवंटित भूखंड के बदले दो या उसके अधिक प्रतिशत जमीन दी जाएगी लेकिन सब तभी अमल में आएगा जब एनसीएलटी से एलडीए को टाउनशिप विकसित करने के लिए मिल जाएगी। अभी एनसीएलटी में नवंबर में तारीख है। पिछली तारीख पर सुनवाई नहीं हो पाई थी। जो बड़े भूखंडों को मामला है उसकी पूरी सूची बनाई जा रही और निबंधन कार्यालय से रजिस्ट्री भी निकलवाई जा रही हैं। कुछ निकल भी आई हैं।
जो जरूरी कदम होंगे उठाए जाएंगे
वीसी एलडीए के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया किटाउनशिप को व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाना है। जो जरूरी सुविधाएं अधूरी हैं उनको पूरा किया जाएगा। एलडीए इस पर विशेष ध्यान रहेगा कि खरीदारों को हित प्रभावित न हो। इसके लिए जो जरूरी कदम होंगे उठाए जाएंगे लेकिन यह तभी होगा जब एनसीएलटी से टाउनशिप टेकओवर कर ली जाएगी।