फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Kala-azar patient found in Lucknow, health department on alert, 500 families of the area will be examined

यूपी: लखनऊ में मिला कालाजार का मरीज, अलर्ट पर आया स्वास्थ्य विभाग, इलाके के 500 परिवारों की होगी जांच

Tue, 05 Nov 2024 07:59 AM IST
रोहित मिश्र चन्द्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चन्द्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Tue, 05 Nov 2024 07:59 AM IST
सार


Kala-azar patient in Lucknow: लखनऊ में कालाजार बुखार का एक मामला सामने आया है। आमतौर पर नेपाल से सटे जिलों में इस खतरनाक बिमारी के मरीज मिलते रहे हैं। इस एक केस के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। 
 

विज्ञापन
UP: Kala-azar patient found in Lucknow, health department on alert, 500 families of the area will be examined
प्रदेश में इन दिनों कई तरह के बुखारों का प्रकोप चल रहा है।

विस्तार

अभी तक नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों में मिलने वाली बीमारी कालाजार अब राजधानी लखनऊ पहुंच गई है। यहां एक मरीज में इसकी पुष्टि हुई है। खास बात यह है कि इस मरीज की कोई यात्रा इतिहास भी नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम ने भी मौका मुआयना किया। जिस घर में मरीज मिला है, उसके आसपास रहने वाले 500 परिवारों की जांच कराने की तैयारी है।

विज्ञापन


प्रदेश में प्रति 10 हजार की आबादी पर 0.5 केस होने की वजह से वर्ष 2019 में कालाजार बीमारी को खत्म मान लिया गया। डब्ल्यूएचओ के मानक के अनुसार एक ब्लॉक में एक हजार की आबादी पर प्रति वर्ष एक मरीज मिलता है तो इसे उन्मूलन की श्रेणी में मान लिया जाता है। अभी तक प्रदेश में मानक से कम मरीज मिल रहे हैं। वर्ष 2024 में अब तक देवरिया में एक, कुशीनगर में सात और बलिया में दो मरीज मिले हैं। इनकी निगरानी चल रही है। इसी बीच सप्ताहभर पहले राजधानी लखनऊ के त्रिवेणी नगर में 17 साल के युवक में कालाजार की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन


युवक एक निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती था। डेंगू, मलेरिया सहित सभी तरह की जांच कराई गई। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी बुखार बना रहा। लक्षण के आधार पर कराई गई जांच में कालाजार की पुष्टि हुई। कॉलेज प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी। आनन- फानन में डब्ल्यूएचओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। इस केस के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। क्योंकि अभी तक लखनऊ में कालाजार का कभी कोई केस नहीं मिला है। इतना ही नहीं युवक का कोई यात्रा इतिहास भी नहीं है। युवक से कोई पूर्वांचल से मिलने भी नहीं आया है। ऐसे में विभाग ने मरीज के घर में जांच कराई, जहां कालाजार फैलाने वाली बालू मक्खी पाई गई है। संयुक्त निदेशक (कालाजार) डा. एके चौधरी बताया कि बालू मक्खी के मिलने के कारणों की भी जांच कराई जा रही है। संभव है कि यह जानवरों के जरिए यहां पहुंची हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


500 परिवारों की होगी निगरानी
संयुक्त निदेशक (कालाजार) डा. एके चौधरी ने बताया कि विभागीय टीम पूरी तरह से अलर्ट है। अब मरीज की हर 15 दिन में निगरानी की जाएगी। जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिया गया कि मरीज के घर के साथ ही आसपास के 500 परिवारों के घरों में सिंथेटिक पायरेथ्रायड का खिड़काव किया जाएगा। इसके बाद इन घरों में बुखार का कोई भी केस आएगा तो उनकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए किट भी मंगाई जा रही है।


क्या कहते हैं जिम्मेदार
आमतौर पर लखनऊ में कालाजार के मरीज नहीं मिलते रहे हैं। मरीज में बीमारी की पुष्टि होने के बाद बचाव के सभी उपाय शुरू कर दिए गए हैं। अन्य जिलों को भी अलर्ट किया गया है। जहां पहले से मरीज मिलते रहे हैं, उन जिलों में खासतौर से निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।-डा. ब्रजेश राठौर, स्वास्थ्य महानिदेशक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed