{"_id":"5ee4594cd2dbf707f14c3b1a","slug":"up-human-rights-commission-sent-notice-to-dgp-and-municipality-president-of-balrampur-on-carrying-dead-body-in-a-garbage-vehicle","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"शव को कूड़ा गाड़ी में ले जाने पर मानवाधिकार आयोग का नोटिस, कहा-शर्मनाक व अमानवीय कृत्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शव को कूड़ा गाड़ी में ले जाने पर मानवाधिकार आयोग का नोटिस, कहा-शर्मनाक व अमानवीय कृत्य
Sat, 13 Jun 2020 10:12 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 13 Jun 2020 10:12 AM IST
विज्ञापन
कचरे के गाड़ी में शव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर जिले के उतरौला ब्लाक में एक शव को कूड़ा गाड़ी में ले जाने के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उतर प्रदेश के डीजीपी व बलरामपुर के नगर पालिका अध्यक्ष को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को इस संबंध में अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी करने के साथ ही प्रदेश सरकार से कहा है कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान भूमि चिन्हित की जाएं जिससे मृतकों के परिजनों का उत्पीड़न न हो।
आयोग ने कहा है कि शव के साथ किया गया बर्ताव शर्मनाक व अमानवीय है। इससे स्पष्ट है कि सरकारी कर्मचारी न सिर्फ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में नाकाम रहे बल्कि उन्होंने विचलित करने वाली क्रूरता दिखाई।
विज्ञापन
आयोग ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर हनन बताया है। इस मामले में पालिका कर्मियों के साथ ही तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। घटना को लेकर जो वीडियो वायरल हुआ उसमें एक उप निरीक्षक व दो सिपाही शव को कूड़ा गाड़ी में लादे जाते हुए देख रहे थे। आयोग ने प्रदेश सरकार से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
विज्ञापन
आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को इस संबंध में अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी करने के साथ ही प्रदेश सरकार से कहा है कि कोरोना संक्रमण से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान भूमि चिन्हित की जाएं जिससे मृतकों के परिजनों का उत्पीड़न न हो।
विज्ञापन
आयोग ने कहा है कि शव के साथ किया गया बर्ताव शर्मनाक व अमानवीय है। इससे स्पष्ट है कि सरकारी कर्मचारी न सिर्फ अपने दायित्वों का निर्वहन करने में नाकाम रहे बल्कि उन्होंने विचलित करने वाली क्रूरता दिखाई।
विज्ञापन
आयोग ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर हनन बताया है। इस मामले में पालिका कर्मियों के साथ ही तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। घटना को लेकर जो वीडियो वायरल हुआ उसमें एक उप निरीक्षक व दो सिपाही शव को कूड़ा गाड़ी में लादे जाते हुए देख रहे थे। आयोग ने प्रदेश सरकार से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी लिया संज्ञान
उधर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भी इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए बलरामपुर जिले के डीएम व एसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग के सदस्य कुंवर इकबाल हैदर ने नोटिस जारी करते हुए सोमवार तक घटना का कारण व दोषियों के खिलाफ की गई कार्यवाही कि रिपोर्ट तलब की है।