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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: High Court Delivers Major Verdict—Directs Provision of Adequate Police Force to Remove Encroachments by La

UP: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- वकीलों के कब्जे हटाने के लिए दें पर्याप्त पुलिस फोर्स; जानें पूरा मामला

Fri, 08 May 2026 02:27 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Fri, 08 May 2026 02:27 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कैसरबाग स्थित अदालत परिसर के आसपास वकीलों और दुकानों के अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। अदालत ने नगर निगम से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि अवैध कब्जों से आम जनता और यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

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UP: High Court Delivers Major Verdict—Directs Provision of Adequate Police Force to Remove Encroachments by La
हाईकोर्ट का फैसला। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कैसरबाग स्थित जनपद न्यायालय के आसपास वकीलों की ओर से किए गए कब्जों पर सख्त रुख जारी रखा है। कोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि इन कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम को पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराए।

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मामले में 25 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश अनुराधा सिंह और दो अन्य की याचिका पर दिया।
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मामले में नगर निगम की ओर से दाखिल रिपोर्ट के अनुसार संबंधित क्षेत्र में 72 अतिक्रमण पाए गए हैं। इनमें ज्यादातर अधिवक्ताओं के चैंबर और अवैध दुकानें हैं। इससे पहले कोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिया था कि इन कब्जों को हटाने के लिए जो भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं, उन्हें तार्किक अंत तक पहुंचाया जाए। यह भी कहा था कि इसके लिए पुलिस बल की जरूरत हो तो नगर निगम को तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

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पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा सका

बुधवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने डीसीपी (मुख्यालय) और डीसीपी ( पश्चिम) समेत लखनऊ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिमी) के पत्र पेश किए। इनमें वे कारण बताए गए थे, जिनकी वजह से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के अफसरों को पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए 12 मई की नई तारीख तय करने की जानकारी कोर्ट को दी गई। इस पर अदालत ने कहा कि इन पत्रों से स्पष्ट है कि कुछ अपरिहार्य वजहों से 25 अप्रैल को पुलिस बल मुहैया नहीं कराया जा सका, लेकिन अगली तय तिथि पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को समुचित पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा। अदालत ने इसके लिए जरूरी कदम उठाने और कार्रवाई से अवगत कराने के लिए 15 दिन का समय दिया है।

 

अतिक्रमण से जनता बुरी तरह त्रस्त

मामले में अदालत ने पहले कहा था कि जनपद न्यायालय, पुराना हाईकोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट, राजस्व परिषद, पुराना सदर तहसील परिसर, उप-निबंधक कार्यालय, मंडलायुक्त कार्यालय, रेजिडेंसी पावर सब स्टेशन, बलरामपुर अस्पताल, कैसरबाग बस अड्डा व टेढ़ी कोठी के आसपास रहने वाले लोग वकीलों के कब्जों से बुरी तरह त्रस्त हैं। न्यायालय ने संज्ञान में लाई गई घटना का भी जिक्र किया था, जिसमें इस इलाके में अतिक्रमण के कारण एंबुलेंस नहीं निकल सकी थी। इस कारण एंबुलेंस में मौजूद मरीज की मौत हो गई थी।

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