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यूपी: गाइनीकोलॉजिस्ट को माह में पांच डिलेवरी जरूरी, साल में 60 से कम डिलेवरी कराने पर रुक जाएगा वेतन
Mon, 02 Dec 2024 09:23 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 02 Dec 2024 09:23 AM IST
सार
Gynecologist in up: सरकारी अस्पतालों में मौजूद गाइनीकोलॉजिस्ट को अब साल साल में कम से कम 60 डिलेवरी करानी होंगी। ऐसा न करने पर उनका वेतन रुक जाएगा।
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यूपी में प्रसव कराने के नियम बदले।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
सीएमओ के अधीन सीएचसी में कार्यरत गाइनकोलॉजिस्ट जरिए साल भर में 60 सिजेरियन प्रसव कराने होंगे। इससे कम सिजेरियन या डिलवरी कराने पर उनका वेतन रोका जाएगा। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में यह निर्देश दिए गए हैं। जिले में अभी सीएचसी पर गाइनकोलॉजिस्ट रात के वक्त सिजेरियन की बजाए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर देती है। इससे कई सीएचसी पर अभी तक डिलवरी का ग्राफ कम है। विभाग जरिए सभी गाइनी डॉक्टरों का रिकार्ड सीएचसी से तलब किया गया है। जिनका टॉरगेट पूरा नहीं होगा उनका वेतन रोका जाएगा।
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सीएमओ के अधीन 21 समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो रहा है। सभी सीएचसी पर संविदा व स्थाई मिलाकर 37 गाइनकोलॉजिस्ट तैनात हैं। इसमें हर सीएचसी पर दो-तीन विशेषज्ञ हैं। कई गाइनी डॉक्टरों जरिए डिलवरी का ग्राफ कम है। ये मुद्दा जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में हुआ था। डीएम ने कम डिलवरी कराने वाली विशेषज्ञ का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। अफसरों का कहना है हर विशेषज्ञ को माह भर में करीब पांच सिजेरियन या सामान्य प्रसव कराने होंगे। इसका सख्ती से अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, सभी सीएचसी से रिकार्ड मांगा गया है। जिनका लक्ष्य पूरा नहीं होगा उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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रात के वक्त हायर सेंटर रेफर हो जाती गर्भवती
जिले की सीएचसी पर रात के वक्त आने वाले गर्भवती को सिजेरियन ऑपरेशन के निए हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। इसमें डफरिन, झलकारीबाई व क्वीनमेरी अस्पताल हैं। यहां पर आए दिन जिले की सीएचसी से रेफर होने वाले सिजेरियन के मामले आते हैं।
अप्रैल से अक्टूबर तक निकाला गया रिकॉर्ड
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है अभी हर सीएचसी के हिसाब से डिलवरी का रिकार्ड निकाला गया है। इसमें बीकेटी, इंटौजा व गुडबा में तीनों सीएचसी पर 112 डिलवरी हुई है। सबसे कम डिलवरी चिनहट सीएचसी पर हुई है। यहां पर महज 17 डिलवरी हुई है। इसी तरह चिनहट में 17 केस हु हैं। सबसे अधिक डिलवरी गोसाईगंज 180, काकोरी 141 में हुई है। मलिहाबाद 45, माल 39, ऐशबाग 105, सरोजनीनगर 49 डिलवरी हुई है। बाकी बची सीएचसी का रिकार्ड विशेषज्ञ के आधार पर मांगा गया है।
अप्रैल से अक्टूबर तक निकाला गया रिकॉर्ड
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है अभी हर सीएचसी के हिसाब से डिलवरी का रिकार्ड निकाला गया है। इसमें बीकेटी, इंटौजा व गुडबा में तीनों सीएचसी पर 112 डिलवरी हुई है। सबसे कम डिलवरी चिनहट सीएचसी पर हुई है। यहां पर महज 17 डिलवरी हुई है। इसी तरह चिनहट में 17 केस हु हैं। सबसे अधिक डिलवरी गोसाईगंज 180, काकोरी 141 में हुई है। मलिहाबाद 45, माल 39, ऐशबाग 105, सरोजनीनगर 49 डिलवरी हुई है। बाकी बची सीएचसी का रिकार्ड विशेषज्ञ के आधार पर मांगा गया है।