सरकार ने केंद्र से मांगी उस्मानी की रिपोर्ट
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राजभवन द्वारा पूर्व मुख्य सचिव व राजस्व परिषद के चेयरमैन जावेद उस्मानी को राज्य सूचना आयोग का मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) नियुक्त किए जाने संबंधी फाइल लौटा दिए जाने के बाद शासन ने अब केंद्र से उस्मानी की सतर्कता जांचों का ब्यौरा मांगा है।
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को पत्र भेजकर उस्मानी की सतर्कता रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
इसके चलते फिलहाल उस्मानी की नियुक्ति अटक गई है। केंद्र से सतर्कता रिपोर्ट मिलने के बाद ही दोबारा राजभवन को नियुक्ति संबंधी फाइल भेजी जा सकेगी।
गुरु नानक जयंती व कार्तिक पूर्णिमा की छुट्टी होने के बावजूद बृहस्पतिवार को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अधिकारी उस्मानी की सतर्कता रिपोर्ट खंगालने में जुटे रहे।
सरकार की मुश्किलें बढ़ीं
अमूमन केंद्र में तैनात किसी अधिकारी के प्रदेश में लौटने पर डीओपीटी उसके खिलाफ चल रही सतर्कता या अन्य जांचों का ब्यौरा भी राज्य सरकार को भेज देता है। किसी अहम पद पर नियुक्ति के समय जरूरत पड़ने पर फिर डीओपीटी से रिपोर्ट मांगी जाती है ताकि जांच की स्थिति की जानकारी हो सके।
उस्मानी के मामले में इसकी अनदेखी ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्यपाल ने उस्मानी के संबंध में सतर्कता रिपोर्ट तलब कर ली तब शासन हरकत में आया। अब सतर्कता रिपोर्ट तैयार कराने की कवायद तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने डीओपीटी से उस्मानी की सतर्कता रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। केंद्रीय सतर्कता आयोग सारे रिकॉर्ड खंगालकर अपनी रिपोर्ट डीओपीटी को भेजेगा। इसके बाद राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
इसमें वक्त लग सकता है। सतर्कता रिपोर्ट में अगर कोई जांच जारी रहने की बात सामने आती है तो सीआईसी पद पर उस्मानी की नियुक्ति खटाई में भी पड़ सकती है।