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सरकार सख्त, मांगा शिक्षकों का ब्यौरा
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 14 Jul 2014 03:51 PM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद से सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों से संबद्ध प्राइमरी स्कूलों में रिक्तियों का ब्यौरा तलब किया गया है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक और संयुक्त शिक्षा निदेशक से इस संबंध में तीन दिन में जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा गया है।
राज्य सरकार निजी क्षेत्रों में चलने वाले अच्छे स्कूलों को सहायता देती है।
सहायता सूची में शामिल होने वाले स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के समान वेतनमान दिया जाने लगता है।
सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती का अधिकार स्कूल प्रबंधन का होता है।
प्रबंधन को नियुक्तियों के बाद जिला विद्यालय निरीक्षकों से केवल अनुमोदन लेना होता है। प्रदेश में मौजूदा समय 4500 के करीब सहायता प्राप्त कॉलेजों में संबद्ध प्राइमरी स्कूल चल रहे हैं।
इनमें कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई होती है। उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक भावना शिक्षार्थी ने संयुक्त शिक्षा निदेशक मंडलीय और जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र में पूछा है कि उनके जिले में कितने कॉलेजों में संबद्ध प्राइमरी की कक्षाएं चल रही हैं।
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इसमें कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पद पर नियुक्तियां हो चुकी हैं और कितने पद खाली हैं।
सूचना तीन दिन में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद को उपलब्ध कराने को कहा गया है।