जानें, सूबे में क्यों बनेंगे 672 ‘बैकुंठधाम’
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प्रदेश सरकार ने सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार के लिए 672 ‘बैकुंठधाम’ विकसित करने का फैसला किया है।
इसके लिए 99.92 करोड़ रुपये का बजट जारी करने के साथ ही शासन ने जिलावार अंत्येष्टि स्थलों की संख्या भी तय कर दी है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में अंत्येष्टि स्थलों के विकास का ऐलान किया था।
प्रमुख सचिव पंचायतीराज चंचल कुमार तिवारी ने बताया कि गांवों में अंत्येष्टि स्थलों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इसमें से 99.92 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। अब जल्द ही अंत्येष्टि स्थलों का विकास कार्य शुरू हो सकेगा।
ये सुविधाएं होंगी
अंत्येष्टि के प्लेटफॉर्म के लिए दो शेड बनेंगे।
अंतिम यात्रा में आने वालों के लिए पेयजल, स्नानघर व शौचालय।
लोगों के बैठने के लिए शांति स्थल के साथ ही एक चबूतरा भी बनेगा।
शवदाह के लिए लकड़ियों की व्यवस्था। लकड़ी टाल व लकड़ी भंडारगृह बनेगा।शवदाह स्थल पर इंटरलॉकिंग टाइल्स का उपयोग किया जाएगा। हैंडपंप के साथ जल निकासी की व्यवस्था भी होगी।