जानें, मथुरा कांड पर केंद्र को भेजी रिपोर्ट में क्या हैं जानकारियां
राज्य सरकार ने मथुरा कांड की रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी है। इसमें पूरे घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जवाहर बाग की रेकी करने गई टीम को स्थिति भांपने में चूक हुई, इस कारण पुलिस के दो बहादुर अफसरों की जान चली गई।
प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने बताया कि दो जून की इस घटना की रिपोर्ट तीन जून को ही भेज दी गई थी। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि किस तरह उपद्रवियों ने रेकी करने गई टीम पर हमला बोला।
इसमें दो पुलिस अफसरों समेत कुल 24 लोगों के मरने की सूचना दी गई है। साथ ही उपद्रवियों से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद होने का विवरण भी दिया गया है।
राज्य सरकार ने यह भी बताया है कि इस मामले की अलीगढ़ के कमिश्नर को जांच सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
दो हफ्ते में छह बिंदुओं पर कमिश्नर को देनी है रिपोर्ट
मथुरा के जवाहर बाग कांड की जांच कर रहे अलीगढ़ के कमिश्नर को दो हफ्ते में छह बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट देनी है। इसमें पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की भूमिका की भी जांच होगी।
इस मामले का सुपरविजन करने वाले अफसर भी जांच के दायरे में आएंगे। रिपोर्ट में उन कारणों व परिस्थितियों को भी बताया जाएगा, जिनके चलते यह घटना घटी।
रिपोर्ट में सबसे अहम बिंदु यह होगा कि अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस प्रशासन ने जो कार्ययोजना एवं रणनीति बनाई थी, वह फूलप्रूफ थी या नहीं? इसमें कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई?
आईजी कानून व्यवस्था हरिराम शर्मा ने बताया कि कमिश्नर खुफिया तंत्र को लेकर भी जांच करेंगे। इसमें देखा जाएगा कि खुफिया तंत्र की सूचनाएं पर्याप्त एवं सटीक थी या नहीं?
इस कांड में पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की क्या भूमिका रही? रिपोर्ट में यह सुझाव भी देना होगा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न होने पाएं, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएं।