आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर बहाल, आदेश जारी
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प्रदेश सरकार ने निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को बहाल कर दिया। पर, उनकी तैनाती के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे।
दरअसल, ठाकुर ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का सार्वजनिक आरोप लगाया था। इसके बाद 13 जुलाई 2015 को शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी ठाकुर को पिछले साल 13 जुलाई को लगातार रिट याचिकाएं दायर करने, शासन की नीतियों के खिलाफ मीडिया में बयानबाजी करने और पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने जैसे आरोप लगाते हुए निलंबित कर दिया था। बाद में 10 अक्तूबर को निलंबन की अवधि छह महीने के लिए बढ़ा दी गई।
ठाकुर ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सक्षम स्तर पर जाने का निर्देश दिया। इसके बाद ठाकुर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की लखनऊ बेंच में गए।
पूर्ण वेतन सहित दिए थे बहाली के आदेश
कैट ने 25 अप्रैल को ठाकुर की 11 अक्तूबर से पूर्ण वेतन सहित बहाली के आदेश दिए। इसके पहले केंद्र सरकार ने भी 31 मार्च को अमिताभ की बहाली के निर्देश दिए थे। मगर, प्रदेश सरकार ने इस पर अमल नहीं किया।
26 अप्रैल को केंद्र सरकार ने फिर प्रदेश सरकार को ठाकुर की बहाली का निर्देश दिया। इसके बाद प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने केंद्र के निर्देश व कैट के फैसले के अनुपालन का हवाला देते हुए ठाकुर की बहाली के आदेश जारी कर दिए।
पंडा ने ठाकुर को 11 अक्तूबर 2015 से इस शर्त के साथ बहाल किया है कि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही जारी रहेगी। साथ ही 13 जुलाई से 10 अक्तूबर 2015 तक की निलंबन अवधि के वेतन व अन्य भत्तों के भुगतान का निर्णय विभागीय कार्यवाही के अंतिम फैसले के बाद लिया जाएगा।