{"_id":"688255c9f7165e85b605adab","slug":"up-govt-has-increased-minimum-wages-of-agricultural-workers-in-up-2025-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: कृषि श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई, खेतिहर मजदूर... पशुपालन और लघु उद्योग से जुड़े लोगों को होगा लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: कृषि श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई, खेतिहर मजदूर... पशुपालन और लघु उद्योग से जुड़े लोगों को होगा लाभ
Thu, 24 Jul 2025 09:18 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 24 Jul 2025 09:18 PM IST
सार
यूपी में कृषि श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई गई है। इससे खेतिहर मजदूर, पशुपालन और लघु उद्योग से जुड़े लोगों को लाभ होगा। राज्य सरकार ने 6552 रुपये प्रति महीना या फिर 252 प्रतिदिन की मजदूरी दर तय की गई है। अभी तक 240 रुपये रोज के हिसाब से मजदूरी मिलती थी।
विज्ञापन
काम करते मजदूर। (सांकेतिक)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी की दरों में बदलाव किया है। अब राज्य के सभी वयस्क श्रमिकों को 252 प्रतिदिन या 6552 रुपये प्रति माह न्यूनतम मजदूरी मिलेगी। अभी उन्हें 240 रुपये रोज मजदूरी मिलती है। इस निर्णय से लाखों खेतिहर मजदूरों, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, कुक्कुट पालन जैसे कृषि आधारित उद्योगों से जुड़े लोगों को लाभ होगा।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शनमुगा सुन्दरम ने बताया कि यह दरें राज्य के हर प्रकार की खेती पर लागू होंगी, चाहे वह परंपरागत कृषि हो, मशरूम उत्पादन हो या मंडी तक फसल पहुंचाने का श्रम। मजदूरी का भुगतान अब नकद, आंशिक नकद, कृषि उपज या डिजिटल माध्यमों से किया जा सकता है, लेकिन किसी भी स्थिति में मजदूरी की कुल राशि तय दर से कम नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
न्यूनतम मजदूरी की प्रति घंटे दर भी दैनिक मजदूरी का 1/6 भाग से कम नहीं हो सकेगी। इससे अल्पकालिक श्रमिकों के हितों की भी रक्षा होगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी श्रमिक को पहले से इस दर से अधिक मजदूरी मिल रही है, तो वह जारी रहेगी और इसे ही न्यूनतम मानक माना जाएगा।
विज्ञापन