लखनऊ: शिक्षिका विनीता को मिला राज्य अध्यापक पुरस्कार, बोलीं- इसके असली हकदार बच्चे, उन्हीं पर खर्च करेंगे राशि
लखनऊ की शिक्षिका विनीता को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इसके असली हकदार बच्चे हैं, उन्हीं पर यह राशि खर्च करेंगे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय अमेठी उर्दू में तैनात शिक्षिका विनीता को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया। गोरखपुर में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान ये सम्मान उन्हें मिला।
अमर उजाला से बातचीत में शिक्षिका विनीता ने कहा कि ये सम्मान भले ही उन्होंने अपने हाथों में ग्रहण किया है, लेकिन इसके असली हकदार बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि सम्मान में मुख्यमंत्री के हाथों मिली राशि विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों पर खर्च की जाएगी। विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता पहले से और बेहतर करने के लिए सभी प्रकार के नवाचार किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के प्रति समर्पित भाव से काम कर पाती हैं, इसमें उनके परिवार और पति कमलेश कुमार शर्मा का भी सहयोग है। उन्होंने अपने विभाग के सभी अधिकारियों को भी आभार जताया।
मूलरूप से सीतापुर महौली की रहने वाली हैं विनीता
बता दें कि विनीता मूल रूप से सीतापुर के एक छोटे कस्बे महोली की रहने वाली हैं। वहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण करने के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय, खैराबाद से पढाई की। फिर कानपुर यूनिवर्सिटी से बीए और बीएड करने के बाद डायट खैराबाद से अपना बीटीसी प्रशिक्षण पूरा किया है।
विनीता ने बताया कि उनकी नियुक्ति 2 जुलाई 2009 को रेउसा ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मंगलपुरवा में हुई। 2019 में प्राथमिक विद्यालय अमेठी उर्दू गोसाईगंज में उनको तैनाती मिली। विनीता ने बताया कि वर्तमान में उन्हें बेसिक शिक्षा में काम करते हुए 17 वर्ष हो गए। वह कक्षा तीन की कक्षाध्यापिका और कक्षा चार व पांच में अंग्रेजी विषय पढ़ाती हैं।
बीएसए विपिन कुमार ने कहा कि ये सम्मान सभी शिक्षकों के लिए प्रेरणस्त्रोत है। हमें अपने शिक्षकों पर गर्व है कि वह बच्चों को शिक्षित करने के अलग-अलग प्रकार के शैक्षिक नवाचार करते रहते थे। बच्चों के प्रति विनीता का समर्पण ही सम्मान की ओर से ले गया।