जगेंद्र के बेटों को नौकरी व 30 लाख, धरना खत्म
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र के परिवार को 30 लाख रुपये की आर्थिक मदद व दोनों बेटों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की।
इसके बाद जगेंद्र के परिजनों ने सीबीआई जांच और आरोपी मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की बर्खास्तगी की मांग को लेकर आठ दिन से चल रहा धरना खत्म कर दिया।
जगेंद्र के बेटे राहुल ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पर भरोसा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर मंत्री को जेल भेजने का वादा किया है।
बसपा विधायक कुंवर जयेश प्रसाद जगेंद्र पिता सुमेर सिंह और बेटे राहुल के साथ सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ पहुंचे। मुलाकात के बाद राहुल ने मीडियाकर्मियों से कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
डीआईजी बरेली करेंगे घटना की निष्पक्ष जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीआईजी बरेली घटना की निष्पक्ष जांच करेंगे। राममूर्ति के पद पर रहते जांच प्रभावित नहीं होगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसे जेल भेजा जाएगा।
सीएम ने उनसे यह भी कहा कि अगर मंत्री दोषी होंगे तो जेल जाएंगे। वह डीआईजी बरेली की जांच और दोषियों को जेल भेजे जाने के आश्वासन से संतुष्ट हैं।
शस्त्र लाइसेंस देने का भरोसा
राहुल ने कहा कि सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने परिवार को शस्त्र लाइसेंस देने और उनकी जमीन पर किए गए कब्जे हटवाने का भी भरोसा दिया है।
सीबीआई जांच और मंत्री की बर्खास्तगी की मांग से पीछे हटने पर उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के भरोसे से संतुष्ट हैं। जांच निष्पक्ष होगी और दोषी जेल भेजे जाएंगे। हालांकि परिवार के सदस्यों ने यह जरूर कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर धरना देंगे।