दो हजार करोड़ खर्च कर, सुधरेगी कानून-व्यवस्था
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कानून व्यवस्था पर घिरी प्रदेश सरकार ने केंद्र से पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 1000 करोड़ रूपये की मांग की हैं, वहीं राज्य सरकार खुद भी इतना ही बजट देगी।
गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय में सुरक्षा व आधुनिकीकरण के मुद्दे पर आयोजित बैठक में प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह दीपक सिंघल व डीजीपी एएल बनर्जी ने सूबे के महानगरों के साथ ही अन्य शहरों में भी अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम बनाने तथा इनके लिए वाहनों, उपकरणों व अन्य संसाधनों की खरीद का प्रस्ताव रखा।
वहीं पुलिस के लिए नॉन लीथल वीपन व अन्य शस्त्रों की खरीद के साथ ही पुलिस भवनों के निर्माण आदि का प्रस्ताव शामिल था।
अभी मिलते हैं 150 करोड़
गृह सचिव विशाल चौहान ने बताया कि प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी केंद्रीय गृह मंत्री से भी मिले और यूपी पुलिस का बजट बढ़ाने का प्रस्ताव सौंपा।
गृह सचिव ने बताया कि इस बार राज्य सरकार ने केंद्र से पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट मांगा है।
अभी पुलिस आधुनिकीकरण के बजट के तौर पर केंद्र से मात्र 150 करोड़ रुपये मिलते हैं।
राज्य सरकार भी करेगी मदद
जितनी रकम केंद्र से मिलती है, उतनी ही प्रदेश सरकार को भी मिलानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार भी इस मद में बराबर की रकम यानी 1000 करोड़ लगाएगी।
पुलिस आधुनिकीकरण का बजट बढ़ाने की मांग पिछले कई सालों से चल रही है। बसपा सरकार में भी इस मद में पहले 550 करोड़ और फिर 700 करोड़ रुपये मांगे गए थे।
सपा सरकार ने पिछले साल केंद्र सरकार से इस बजट की राशि को 800 करोड़ करने को कहा था। वर्ष 2000 -2001 से शुरू हुई पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत प्रदेश को वर्ष 2012 तक 1147 करोड़ रुपये मिल चुके थे।