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यूपी में फार्मा और मेडिकल उपकरण पार्क बनाने की तैयारी, इन तीन जिलों में देखी गई जमीन

Mon, 08 Jun 2020 02:39 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 08 Jun 2020 02:39 PM IST
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UP government wants to make a farma and medical park in Uttar Pradesh.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश में एक फार्मा और एक मेडिकल उपकरण पार्क बनाने की तैयारी है। इस संबंध में केंद्र सरकार के साथ वार्ता के आधार पर प्रस्ताव भी तैयार कर भेजा जा चुका है। फार्मा पार्क के लिए पीलीभीत और बुंदेलखंड जबकि मेडिकल उपकरण पार्क के लिए प्रयागराज और कानपुर-उन्नाव में भूमि देखी गई है। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग और लघु उद्योग विभाग से फीडबैक लेकर फार्मा पार्क के लिए अलग से एक नीति बनाने के निर्देश भी दिए हैं।

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प्रदेश में फार्मा पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश की अधिक संभावनाएं हैं। यहां लगभग साढ़े चार सौ छोटी-बड़ी इकाइयां हैं, जोकि विभिन्न तरह की दवाइयों का निर्माण कर रही हैं। इसके अलावा मेडिकल उपकरण बनाने वाली करीब 200 इकाइयां हैं। पांच मेडिकल लैबोरेट्रीज भी स्थापित हैं, जिनके चलते प्रदेश में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कामगार भी उपलब्ध हैं।
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प्रदेश में दवाओं का बड़ा मार्केट भी है और बल्क ड्रग्स के निर्यात की भी बहुत संभावना है। प्रदेश में स्थापित लैबोरेट्रीज की ओर से काफी संख्या में पेटेंट भी जारी किए गए हैं, जिनके आधार पर स्थानीय उद्यमी उद्यम लगा सकते हैं।
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भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार देश में चैलेंज मोड में तीन फार्मा पार्क और चार मेडिकल उपकरण पार्क की स्थापना की जानी है। प्रदेश में पहले से विद्यमान नीति के तहत फार्मा पार्क में स्थापित इकाइयों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है।

अधिकतम एक करोड़ रुपये तक की पूंजी अनुदान के लिए कर रहे विचार

फार्मा पार्क में स्थापित होने वाली इकाइयों को अधिकतम पूंजी का 15% या अधिकतम एक करोड़ रुपये तक के पूंजी अनुदान के बारे में भी विचार किया जा सकता है। प्रदेश सरकार पहले तीन साल में स्थापित होने वाली इकाइयों को आयकर की प्रतिपूर्ति पर भी विचार कर रही है।

फार्मा इकाइयों को कौशल विकास के लिए शत-प्रतिशत अनुदान देने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्हें लीज रेंट में भी छूट दी जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल सके।

प्रदेश में स्थापित होगा हर्बल विकास मिशन
गंगा नदी के किनारे हर्बल पौधरोपण की योजना भी बनाई गई है। इस योजना के तहत केंद्र से अधिक से अधिक राशि स्वीकृत कराने के लिए अलग से हर्बल विकास मिशन की स्थापना का फैसला भी किया गया है। इससे गंगा किनारे के ग्रामों में हर्बल प्लांट प्लांटेशन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

इस पर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार केंद्र की सहायता से एक मेडिकल उपकरण पार्क और एक फार्मा पार्क स्थापित करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। इस बारे में मुख्यमंत्री से जरूरी निर्देश भी प्राप्त हुए हैं।

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