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UP:"30 दिन में घरों में जलापूर्ति शुरू न करने वाली कंपनियों पर कराएं एफआईआर", जलशक्ति मंत्री ने दिया अल्टीमेटम

Mon, 09 Feb 2026 08:49 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 09 Feb 2026 08:49 PM IST
सार

भाजपा विधायक से विवाद के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विन्ध्य, बुंदेलखंड के जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की और इस दौरान कंपनियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ 4-5 परियोजनाओं के ही काम पूरे नहीं हुए हैं।

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UP: "File FIR against companies that do not resume water supply to homes within 30 days," Water Power Minister
यूपी के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

विस्तार

जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर नल' योजना के क्रियान्वयन को लेकर उठ रहे सवालों और अपने ही दल के विधायक से विवाद के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं पर सख्ती दिखाया। चरखारी विधायक ब्रजभूषण राजपूत द्वारा खुलेआम सड़क पर घेराव किए जाने के बाद बुलाई गई बैठक में मंत्री ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र के शत-प्रतिशत घरों में 30 दिन में जलापूर्ति शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने तय समय सीमा में जलापूर्ति शुरू न करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं।

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विधायक से विवाद के बाद जलशक्ति मंत्री पहली बार सोमवार को जल निगम (ग्रामीण) के सभागार में विन्ध्य, बुंदेलखंड के जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। दोनों क्षेत्रों में धीमी गति से कार्य कर रही बीजीसीसी और एलएंडटी पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने कहा कि तय समय में काम पूरा नहीं हुआ, तो कंपनी के मालिकानों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजा जाएगा। भविष्य में कोई और विधायक योजना के क्रियान्वयन पर सवाल न उठाए, इसलिए मंत्री ने योजना के क्रियान्वयन से संबंधित अधिशासी अभियंताओं को योजना के तहत हो रहे कार्यों की हर जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से देने के भी निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से भी संवाद करके उनकी समस्याओं का समाधान कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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जलशक्ति मंत्री ने कहा कि शत-प्रतिशत जलापूर्ति से अच्छादित होने के बाद उन सभी गांवों में 8 से 22 मार्च तक जल उत्सव मनाया जाएगा। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के करीब 22,000 गांवों में जल उत्सव मनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम ग्रामीण के एमडी डॉ राजशेखर, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार मौजूद थे।

सिर्फ 4-5 परियोजनाओं के काम ही पूरे नहीं हुए
समीक्षा के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जलशक्ति मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र की सभी परियोजनाओं की समीक्षा में 4-5 को छोड़कर सभी परियोजनाओं का कार्य 100 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। अधिकतर गांवों में 100 प्रतिशत जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब तीन फीसदी गांवों में पाइपलाइन डैमेज या अन्य कारणों से नियमित जलापूर्ति प्रभावित हुई है।

जलापूर्ति की समस्याओं के निदान के लिए एप लांच

इस मौके पर जलशक्ति मंत्री ने जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जल सारथी ऐप लॉन्च किया। इस ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन से जुड़े हर गांव के बारे में जानकारी मिल सकेगी। ऐप के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में जलापूर्ति की स्थिति, परियोजना पर हुए खर्च, निर्माणाधीन परियोजनाओं की स्थिति की पूरी जानकारी मिल सकेगी। साथ ही अधिकारियों के नाम और नंबर उपलब्ध रहेंगे। इस ऐप से लोग जलापूर्ति से संबंधित शिकायत भी कर सकेंगे।

9772 में से 9,435 किमी. सड़कों का हो चुका मरम्मत
बैठक में जलशक्ति मंत्री ने पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने मार्च के अंत तक सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान लगभग 9772 किलोमीटर सड़क को काटने की जरूरत पड़ी, जिसके सापेक्ष 9,435 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। कुछ जगहों पर बरसात या जलभराव के कारण सड़के दोबारा धंस गई हैं। उन जगहों पर अभियान चलाकर सड़कों को ठीक कराया जा रहा है।

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