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यूपी : 91 हजार छात्रों की शुल्क भरपाई फंसी, खाता नंबर में खामी होने से नहीं हो सका केंद्रांश का भुगतान
Sun, 08 May 2022 03:42 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 08 May 2022 03:42 PM IST
सार
प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आय वाले अनुसूचित जाति के परिवारों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है।
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विस्तार
प्रदेश में 91 हजार छात्रों की शुल्क भरपाई फंस गई है। ये सभी छात्र अनुसूचित जाति के हैं। बैंक खाता नंबर संबंधी दिक्कतों के चलते उन्हें केंद्रांश का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस समस्या का समाधान निकालने के लिए समाज कल्याण निदेशालय ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
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प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आय वाले अनुसूचित जाति के परिवारों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। योजना के तहत होने वाले भुगतान में 40 प्रतिशत अंश राज्य और 60 प्रतिशत अंश केंद्र सरकार का रहता है। पिछले वित्त वर्ष में 91 हजार छात्रों के खातों में राज्य का हिस्सा तो चला गया, लेकिन केंद्रांश नहीं जा पाया। बताते हैं कि राज्य सरकार ने अपना हिस्सा आधार से लिंक बैंक अकाउंट में भेजा।
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इसमें आधार नंबर के साथ जो बैंक अकाउंट जुड़ा था, उसमें आसानी से राशि चली गई। वहीं, केंद्र सरकार ने उस बैंक खाते में राशि भेजी, जो खाता संख्या विद्यार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में दी थी। इन खातों में तमाम तरह की दिक्कतें हैं। कहीं आईएफएससी कोड सही नहीं है तो कहीं खाते का संचालन ही बंद है। तमाम छात्रों के खाते नंबर भी गलत बताए जा रहे हैं। नतीजतन इन छात्रों के खातों में राशि ही नहीं जा पाई। इन छात्रों को कुल 200 करोड़ रुपये का भुगतान होना है।
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समाज कल्याण विभाग का कहना है कि केंद्र सरकार ने भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 मई कर दी है। इन छात्रों को भुगतान आधार आधारित बैंक खाते में ही करने के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से बात की जा रही है। जल्द ही कोई न कोई समाधान निकलने की उम्मीद है, ताकि इन छात्रों को आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वे अपनी पढ़ाई को सुचारु रूप से जारी रख सकें।