UP: शिक्षक-कर्मचारियों ने उपेक्षा के विरोध में की भूख हड़ताल, सभी जिलों में प्रदर्शन कर सीएम को भेजा ज्ञापन
विभिन्न विभाग के कर्मचारियों ने लखनऊ में मंगलवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पुरानी पेंशन बहाल करने, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करने समेत कई मांगें उठाईं।
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उत्तर प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सभी जिलों में पदाधिकारी-कर्मचारियों ने भूख हड़ताल की। साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। राजधानी लखनऊ में नगर निगम कार्यालय के पास स्थित बीएन सिंह की प्रतिमा पर भूख हड़ताल की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वीपी मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक बार भी कर्मचारियों-शिक्षकों की मांगों पर बैठक नहीं की। इससे महत्वपूर्ण कई मामले लंबित पड़े हैं। मुख्य सचिव स्तर पर बैठक 18 नवंबर 2024 को हुई थी। किंतु उसमें लिए गए निर्णय का कार्यवृत्त नहीं जारी किया गया। इससे प्रदेश के कर्मचारी-शिक्षक आक्रोशित हैं।
महासचिव शशि कुमार मिश्रा व संयोजक सतीश कुमार पांडेय ने कहा कि अब कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष व महामंत्री के सचिवालय प्रवेश पत्र भी बनाया जाना बंद हो गया है। 7वें वेतन आयोग और संवर्गों का पुनर्गठन, सेवा नियमावली, वेतन विसंगति, आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, खाली पदों पर नियुक्ति आदि मांगों पर सार्थक निर्णय नहीं हो पा रहे हैं। पदाधिकारियों ने जल्द इसका समाधान न मिलने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही। भूख हड़ताल में गिरीश कुमार मिश्रा, मनोज कुमार मिश्रा, डीके यादव, सुरेश कुमार रावत, अतुल मिश्रा, आशीष पांडेय, सुनील यादव, राम कुमार धानुक आदि शामिल हुए।
सरकार की नीतियों के खिलाफ कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
राज्य सरकार पर कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने मंगलवार को भूख हड़ताल कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने, सातवें वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करने समेत कई मांगें उठाईं। उन्होंने पुलिस आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा।
कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बीएन सिंह प्रतिमा के समक्ष एकत्र हुए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी जताई। मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में आठ साल से भाजपा सरकार है, लेकिन मुख्यमंत्री ने एक बार भी कर्मचारियों और शिक्षकों की मांगों पर बैठक नहीं की।
मुख्य सचिव स्तर पर 18 नवंबर 2024 को बैठक हुई, लेकिन इसमें हुए निर्णय का कार्यवृत्त नहीं जारी किया गया। मोर्चा के संयोजक सतीश पांडेय ने कहा शासन स्तर पर अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाता है। महासचिव शशि कुमार मिश्रा ने कहा कि सातवें वेतन आयोग और संवर्गों का पुनर्गठन व सेवा नियमावली, वेतन विसंगति समेत विभिन्न मुद्दे उठाए। प्रदर्शन में गिरीश कुमार मिश्रा, मनोज कुमार मिश्रा, सुरेश कुमार रावत, आशीष पांडे, सुनील यादव, राम कुमार धानुक आदि शामिल हुए।