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यूपी: निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों की हड़ताल आज, पूरे देश से 27 लाख कर्मचारी होंगे शामिल

Wed, 09 Jul 2025 06:26 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 09 Jul 2025 06:26 AM IST
सार

Electricity in UP: प्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध बिजलीकर्मी आज प्रदेश सहित पूरे देश में सांकेतिक हड़ताल करने जा रहे हैं। हालांकि इससे सेवाओं पर असर नहीं होगा। 

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UP: Electricity workers' strike today in protest against privatization, 27 lakh employees from across the cou
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल आज। - फोटो : डेमो इमेज।

विस्तार

 नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर नौ जुलाई को देश भर में करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। राष्ट्रव्यापी हड़ताल में प्रदेश के एक लाख से अधिक बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता पूरे दिन कार्यस्थलों के बाहर प्रदर्शन करेंगे।

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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों के मुताबिक निजीकरण के विरोध में हो रही इस हड़ताल को उपभोक्ताओं व किसानों का भी समर्थन है, इसलिए बिजली सेवाएं बाधित नहीं की जाएंगी। हड़ताल के दौरान उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत न हो इसके लिए एक टीम सभी जिलों में बनाई गई है। हड़ताल में बिजली के साथ रेल, बैंक, बीमा, बीएसएनएल, पोस्टल, केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी, निजी कल कारखानों के कर्मचारी भी शामिल होंगे।
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समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के नोटिस में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह हस्तक्षेप कर राज्य सरकार को निर्देश दे कि पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण का फैसला वापस ले। वहीं, हड़ताल में संयुक्त किसान मोर्चा भी शामिल होगा। मोर्चा ने 4 श्रम संहिताओं को निरस्त करने, सार्वजनिक उपक्रमों व सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण रोकने, रोजगार में ठेका प्रथा और अनियमितता समाप्त करना तथा न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की।

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सेवाएं प्रभावित तो होगी बर्खास्तगी 

बिजली कर्मचारियों की ओर से 9 जुलाई को सांकेतिक हड़ताल के ऐलान के बाद पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने भी सख्त रुख अपनाया है। अध्यक्ष ने कहा है कि कोई भी विद्युत आपूर्ति को प्रभावित करेगा तो बर्खास्त किया जाएगा। जिस मुख्य अभियंता के क्षेत्र में आन्दोलन के कारण आपूर्ति प्रभावित होगी तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढ़ंग से विरोध प्रदर्शन से किसी को आपत्ति नहीं है लेकिन विद्युत जैसी आवश्यक व्यवस्था को प्रभावित करने वालों पर सख्त कार्यवाई होगी।

यदि कोई जान बूझकर ब्रेकडाउन करेगा तो बर्खास्त किया जायेगा। जो धरना आदि करेगा, काम नही करेगा तो नो वर्क नो पे लागू होगा। कर्मचारी आन्दोलन को देखते हुए सभी जगह कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। वैकल्पिक व्यवस्था बन गयी है। जिला प्रशासन से सम्पर्क किया गया है। सभी को एडवाइजरी जारी की गयी है। अध्यक्ष ने सभी मुख्य अभियन्ताओं को पत्र भेजकर निर्देश दिये है कि बायोमीट्रिक उपस्थिति जुलाई से सौ प्रतिशत होगी। जहां नहीं होगी वहां मुख्य अभियंता जिम्मेदार होंगे।

चलाया जनजागरण अभियान

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को सभी जिलों और परियोजना कार्यालयों व विद्युत उपकेंद्रों पर जाकर 9 जुलाई को होने वाले प्रदर्शन के संबंध में जनजागरण किया। हड़ताल में सभी जिलों और परियोजना मुख्यालय पर कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे।
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