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यूपी चुनाव: मैदान में उतरे प्रत्याशियों के शौक भी अजब-गजब
अमर उजाला ब्यूरो/ लखनऊ
Updated Sun, 26 Feb 2017 10:51 AM IST
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विधानसभा चुनाव में उतरे प्रत्याशियों के शौक भी अजब-गजब हैं। एसयूवी और लैंबोर्गिनी कार के दौर में भी उन्हें हाथी-घोड़े पसंद हैं। गोरखपुर की पिपराइच विधानसभा सीट से निर्दल प्रत्याशी अनीता जायसवाल के घर में हाथी और घोड़े के साथ-साथ बड़ी संख्या में गायें, बकरियां और खरगोश भी हैं।
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उन्होंने नामांकन के दौरान दिए हलफनामे में हाथी-घोड़े की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई है। इसी तरह, लखनऊ कैंट से सपा प्रत्याशी व मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव ने नामांकन के दौरान अपने पति प्रतीक यादव के पास पांच करोड़ रुपये की लैंबोर्गिनी कार का जिक्र किया तो विपक्षी पार्टियों ने इसे मुद्दा बना लिया।
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अनीता के पति जितेंद्र जायसवाल पेशे से किसान हैं। हाथी-घोड़ा, भैंस, खरगोश पालना इनका शौक है। इनके पास 100 गायें और इतनी ही बकरियों के साथ ही अलग-अलग प्रजातियों के खरगोश भी हैं। अनीता बताती हैं कि 1995 से उनके घर में हाथी और घोड़े हैं। हाथियों के लिए बाकायदा सरकार से परमिशन ली हुई है।
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गांव या आसपास शादी-विवाह या उत्सव होता है, तो दोनों हाथियों को भेजा जाता है। इनके पास जीप, इंडिका, टाटा सफारी, जिप्सी, पिकप, ट्रैक्टर, फॉर्च्युनर, बस समेत 15 गाड़ियां भी हैं। हाथी का व्यावसायिक इस्तेमाल है।
प्रतिबंधित वाइल्ड लाइफ के प्रमुख वन संरक्षक उमेंद्र शर्मा कहते हैं कि हाथियों का व्यावसायिक इस्तेमाल प्रतिबंधित है। हाथी पालने के लिए सरकार से परमिशन के साथ ही उसके खानपान की पूरी गारंटी लेनी होती है। हाथी वही बेच सकता है जिसके पास पहले से लाइसेंस हो। वहीं, खरीदने वाले के लिए भी हाथी पालने का लाइसेंस लेना जरूरी होता है।