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UP: कॉलेजों में ई- कंटेंट के माध्यम से भी होगी पढ़ाई, महाविद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने की कवायद

Thu, 09 Apr 2026 09:25 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 09 Apr 2026 09:25 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के राजकीय व अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए ई-कंटेंट और स्मार्ट क्लास का उपयोग बढ़ाया जाएगा। 89 हजार ई-कंटेंट छात्रों को उपलब्ध कराए जाएंगे। निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की बढ़ती संख्या सरकारी कॉलेजों के लिए चुनौती है। प्रोफेशनल कोर्स और कौशल विकास पर जोर दिया जाएगा।

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UP Education colleges conducted through e-content as well initiative underway to increase student e
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश के राजकीय व अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षा के स्तर को और बेहतर किया जाएगा। कॉलेजों में शिक्षकों की पर्याप्त तैनाती के साथ ही कॉलेजों में ई कंटेंट का भी प्रयोग बढ़ाया जाएगा। अधिकतर कॉलेजों में स्मार्ट क्लास हैं। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा ई कंटेंट इनको उपलब्ध कराया जाएगा।

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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने बताया कि हमारे पास 89 हजार ई कंटेंट उपलब्ध हैं। कॉलेजों को इसके बेहतर प्रयोग के लिए प्रेरित करेंगे। छात्र खाली समय में इससे भी पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए स्टूडियो में शिक्षकों के लेक्चर भी तैयार कराने की योजना है।
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प्रदेश के उच्च शिक्षण व तकनीकी संस्थानों में छात्रों की घटती संख्या का बड़ा कारण पारंपरिक कोर्स का संचालन है। इन संस्थानों द्वारा प्रोफेशनल कोर्स के माध्यम से ही छात्रों को आकर्षित किया जा सकता है। अधिकतर राजकीय महाविद्यालयों में बीए, बीएससी, बीकॉम की ही पढ़ाई हो रही है। 
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यह भी एक वजह है कि इस तरफ छात्र आकर्षित नहीं हो रहे हैं। पूर्व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि आज छात्र बीबीए, बीसीए, बीटेक आदि प्रोफेशनल कोर्सों की तरफ जा रहे हैं। ताकि इसको करने के बाद उन्हें सीधे रोजगार मिल सके। हमें इन कोर्स के साथ कौशल विकास पर फोकस करना होगा।

निजी कॉलेज व विवि भी दे रहे चुनौती

प्रदेश के युवाओं को उनके पास ही बेहतर उच्च शिक्षा देने के लिए निजी क्षेत्र को बढ़ावा व सुविधाएं दी गई। किंतु तेजी से बढ़ रहे निजी कॉलेज व विश्वविद्यालय अब सरकारी संस्थानों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।



प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 53 और कॉलेजों की संख्या 7520 से ज्यादा हो गई है।  इसकी अपेक्षा सरकारी विश्वविद्यालयों की संख्या 24 और राजकीय कॉलेजों की संख्या 216 है। इसमें भी 70 राजकीय कॉलेज अभी नए शुरू हुए हैं। यही वजह है कि उनके सामने छात्रों की संख्या का बड़ा संकट है।
 

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