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यूपी : वाणिज्य कर अधिकारी के यौन उत्पीड़न में राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर बर्खास्त, 2018 में हुई एफआईआर

Sat, 06 Dec 2025 07:21 AM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: आकाश द्विवेदी Updated Sat, 06 Dec 2025 07:21 AM IST
सार

2018 के यौन उत्पीड़न मामले में विभागीय जांच के बाद वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। महिला कर अधिकारी की शिकायत, एफआईआर और गिरफ्तारी को गंभीर दुराचार मानते हुए उन्हें सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित किया गया।

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UP: Deputy Commissioner of State Tax Department dismissed for harassing a Commercial Tax Officer; FIR
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

वाणिज्य कर विभाग के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर एवं राज्य प्रतिनिधि झांसी रहे पंकज कुमार-।। को यौन उत्पीड़न, मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों पर बर्खास्त कर दिया गया है। वर्ष 2018 में भोपाल में दर्ज हुए इस आपराधिक मामले पर आधारित विभागीय जांच रिपोर्ट अब औपचारिक रूप से सामने आई है, जिसमें उनके खिलाफ लगे आरोपों को गंभीर और प्रमाणित माना गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राज्य कर विभाग ने पंकज कुमार को 6 अगस्त 2018 से प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया था। जांच मैं आरोपी की पुष्टि के बाद पंकज कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

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इस मामले में 37 पेज की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा में वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर तैनात श्वेता सरन वर्मा ने थाना कमलानगर, भोपाल में 6 अगस्त 2018 को एफआईआर दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि जहाँनुमा पैलेस होटल के कमरे में पंकज कुमार ने उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और यौन उत्पीड़न किया। मामला धारा 294, 323 और 376 में दर्ज हुआ। उसी दिन पुलिस ने पंकज कुमार को गिरफ्तार कर अगले दिन अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

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गिरफ्तारी को देखते हुए निलंबित माना गया

पंकज कुमार को 6 अगस्त 2018 से ड्यूटी से अनुपस्थिति और आपराधिक मामले में गिरफ्तारी को देखते हुए निलंबित माना गया। उनके खिलाफ अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 के तहत औपचारिक विभागीय जांच गठित की गई। जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में उनकी अनुपस्थिति, अनुमति न लेना, भोपाल में महिला अधिकारी से मारपीट एवं यौन उत्पीड़न की शिकायत और गिरफ्तारी को गंभीर दुराचरण की श्रेणी में रखा गया।

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जांच रिपोर्ट के अनुसार पंकज कुमार 2 अगस्त 2018 को बिना अनुमति झांसी मुख्यालय छोड़कर भोपाल गए, जो स्पष्ट रूप से आचरण नियमावली 1956 के नियम-3 और शासनादेशों का उल्लंघन था।
यौन उत्पीड़न के मामले में विभाग ने यह माना कि एफआईआर, गिरफ्तारी, न्यायिक हिरासत और अखबारों में प्रकाशित खबरों के कारण विभाग की छवि धूमिल हुई है, जो किसी वरिष्ठ अधिकारी के लिए गंभीर अपराध है।

जांच के दौरान पंकज कुमार ने कई दलीलें दीं

जैसे व्यक्तिगत संबंध, षड्यंत्र, आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न, कॉल डिटेल से सच सामने आने का दावा। लेकिन जांच अधिकारी ने इन्हें अप्रमाणित और तर्कहीन माना। जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद अनुशासनात्मक दंड की प्रक्रिया के तहत पंकज कुमार को न केवल सेवा से बर्खास्त किया गया बल्कि सेवा के लिए अयोग्य भी घोषित कर दिया गया।

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